पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की करारी हार के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना पक्ष रखा। राज्य में भाजपा की प्रचंड जीत के बावजूद ममता बनर्जी ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से साफ इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह न तो हार स्वीकार करती हैं और न ही पद छोड़ने के लिए राजभवन जाएंगी।
ममता बनर्जी ने मीडिया से बातचीत में कहा, “मैं मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं दूंगी क्योंकि मैं हारी नहीं हूं। भाजपा ने भले ही चुनाव आयोग के जरिए आधिकारिक तौर पर हमें हरा दिया हो, लेकिन नैतिक रूप से जीत हमारी ही हुई है।” उन्होंने इस चुनाव परिणाम को भाजपा और चुनाव आयोग के बीच ‘साठगांठ’ का नतीजा करार दिया।
ममता बनर्जी ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा ने काउंटिंग सेंटरों पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया था। ममता ने दावा किया कि ‘एसआईआर’ (SIR) के बहाने उनकी पार्टी की 100 सीटें लूटी गई हैं। उन्होंने भावुक होते हुए यह भी आरोप लगाया कि उनके साथ अभद्रता की गई और उन्हें धक्का देकर बाहर निकाला गया।
सोमवार को आए नतीजों के अनुसार, पश्चिम बंगाल की 294 सीटों में से भाजपा ने 207 सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। यह राज्य के इतिहास में पहली बार है जब भाजपा अपनी सरकार बनाने जा रही है। वहीं, 15 सालों तक सत्ता पर काबिज रहीं ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी महज 80 सीटों पर सिमट गई है।
