
पंजाब में निजी स्कूलों की बढ़ती फीस से परेशान अभिभावकों को बड़ी राहत मिली है। राज्य सरकार के उस अध्यादेश को राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने मंजूरी दे दी है, जिसके तहत अब कोई भी प्राइवेट स्कूल एक साल में 5 प्रतिशत से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकेगा। इस फैसले की जानकारी मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने पोस्ट में राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया का आभार जताते हुए बताया कि “द पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अनएडेड एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) अध्यादेश, 2026” पर राज्यपाल ने हस्ताक्षर कर दिए हैं। इसके साथ ही अध्यादेश को लागू करने का रास्ता साफ हो गया है।
ਮਾਨਯੋਗ ਗਵਰਨਰ ਸਾਹਿਬ ਦਾ ਤਹਿ ਦਿਲੋਂ ਧੰਨਵਾਦ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਬੱਚਿਆਂ ਅਤੇ ਮਾਪਿਆਂ ਦੇ ਹੱਕ ਵਿੱਚ ਲਏ ਸਾਡੇ ਵੱਡੇ ਫ਼ੈਸਲੇ ‘ਤੇ ਮੋਹਰ ਲਗਾ ਦਿੱਤੀ ਹੈ…
ਪ੍ਰਾਈਵੇਟ ਸਕੂਲਾਂ ਦੀਆਂ ਫੀਸਾਂ ਦੀ ਲੁੱਟ ਨੂੰ ਨੱਥ ਪਾਉਣ ਲਈ ਸਾਡੀ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਲਿਆਂਦੇ ਗਏ “The Punjab Regulation of Fee of Unaided Education Institutions… pic.twitter.com/cDNiufndYt— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) July 13, 2026
सरकार के नए नियम के अनुसार, पंजाब का कोई भी निजी (अनएडेड) स्कूल अपनी मर्जी से सालाना 5 प्रतिशत से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकेगा। इस फैसले का उद्देश्य निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाना और अभिभावकों पर बढ़ते आर्थिक बोझ को कम करना है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि उनकी सरकार शिक्षा को व्यापार नहीं बनने देगी। उन्होंने कहा कि आम लोगों के हितों की रक्षा करना सरकार की प्राथमिकता है और शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए यह बड़ा कदम उठाया गया है। सरकार का मानना है कि नए अध्यादेश के लागू होने से निजी स्कूलों द्वारा मनमाने तरीके से फीस बढ़ाने पर रोक लगेगी। इससे लाखों अभिभावकों को आर्थिक राहत मिलेगी और शिक्षा व्यवस्था में अधिक पारदर्शिता आएगी।

