जालंधर के बस्ती बावा खेल इलाके में स्थित मोदी फार्म की गद्दे बनाने वाली फैक्ट्री में गुरुवार सुबह अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी फैक्ट्री को अपनी चपेट में ले लिया। आग से निकलने वाला काला धुआं काफी दूर तक दिखाई देने लगा, जिससे आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
फैक्ट्री में आग लगने की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया। एडीएफओ मनिंदर सिंह ने बताया कि उन्हें सुबह करीब 9:15 बजे मोदी फार्म फैक्ट्री में आग लगने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंच गई। आग पर काबू पाने के लिए 8 से 10 फायर टेंडर मौके पर पहुंचे। अधिकारियों के मुताबिक करीब 95 प्रतिशत आग पर काबू पा लिया गया था।
आग के दौरान फैक्ट्री का शैड कमजोर होकर गिर गया, जबकि एक लैंटर भी गिरने की बात सामने आई है। इसके चलते फायर ब्रिगेड कर्मचारियों को आग बुझाने के दौरान काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। हादसे में एक व्यक्ति पैर फिसलने से गिरकर घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
स्थानीय निवासी केशव ने बताया कि फैक्ट्री रिहायशी इलाके के बीच बनी हुई है। आग इतनी तेजी से फैली कि इसकी लपटें आसपास के घरों तक पहुंचने लगीं। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के दौरान लोगों में दहशत का माहौल रहा। केशव के मुताबिक पुलिस प्रशासन को सूचना दी गई थी, लेकिन पुलिस करीब एक घंटे बाद मौके पर पहुंची। फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर मौजूद हैं। उन्होंने प्रशासन से रिहायशी इलाके में चल रही फैक्ट्री को बाहर शिफ्ट करने की मांग की है।
केशव के अनुसार, करीब 10 साल पहले भी इलाके की एक फैक्ट्री में आग लगने की घटना सामने आई थी। उन्होंने बताया कि पहले फैक्ट्री कर्मियों की ओर से कहा गया था कि यूनिट को इलाके से बाहर ले जाया जाएगा और यहां केवल गोदाम का इस्तेमाल होगा। हालांकि, स्थानीय लोगों का दावा है कि फैक्ट्री में आज भी गद्दे बनाने का काम चल रहा है।
फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों का पता नहीं चल पाया है। प्राथमिक स्तर पर शॉर्ट सर्किट को आग लगने की संभावित वजह माना जा रहा है। फायर ब्रिगेड और प्रशासन की ओर से मामले की जांच की जा रही है। आग से फैक्ट्री के अंदर कितना आर्थिक नुकसान हुआ है, इसका भी अभी आकलन नहीं हो पाया है।

