दिवंगत नेता के असाधारण जीवन को सम्मान देने और सामूहिक रूप से श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए चुन्नी लाल भगत के निमित्त श्रद्धांजलि सभा रविवार, 20 सितंबर को दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक एम.एस. फार्म, बस्ती पीर दाद, जालंधर में आयोजित की जाएगी।
अपने दशकों लंबे राजनीतिक सफर के दौरान चुत्री लाल भगत विनम्रता और जनसेवा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता से प्रेरित रहे। साधारण शुरुआत से प्रदेश में महत्वपूर्ण नेतृत्व पदों तक पहुंचने वाले चुन्नी लाल भगत ने पंजाब सरकार में स्थानीय निकाय, चिकित्सा शिक्षा तथा वन एवं वन्यजीव संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली और हमेशा अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन अपने खास शांत और गरिमापूर्ण अंदाज में किया।
सार्वजनिक जीवन के दौरान चुन्नी लाल भगत अपने बेदाग रिकॉर्ड के लिए जाने जाते थे। वह हमेशा इस संकल्प पर कायम रहे कि ईमानदारी से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। वह कहते थे, “पद और ताकत लोगों द्वारा दिए गए अस्थायी अधिकार हैं। आखिर में जो बचता है, वह है आपका काम, आपका चरित्र और यह कि आपने उन लोगों की कितनी ईमानदारी से सेवा की, जिन्होंने आप पर भरोसा किया।”
उनका राजनीतिक सफर जालंधर और पूरे दोआबा क्षेत्र के विकास से गहराई से जुड़ा हुआ था। जालंधर पश्चिमी विधानसभा क्षेत्र से कई बार विधायक रहे चुन्नी लाल भगत पार्टी की सीमाओं से परे लोगों के लिए अपना घर और कार्यालय हमेशा सुलभ रखने के लिए व्यापक रूप से सम्मानित थे। वह अक्सर इस बात पर जोर देते थे कि उनका मुख्य कर्तव्य आम नागरिकों की बात सुनना है और उन्होंने अपने दशकों लंबे कार्यकाल के दौरान इस परंपरा को लगातार कायम रखा।
जन प्रशासन के प्रति अपने दृष्टिकोण पर बात करते हुए पूर्व मंत्री शहरी विकास और जनस्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे में पारदर्शिता और समानता की आवश्यकता पर जोर देते थे। स्थानीय निकाय और चिकित्सा शिक्षा विभागों की जिम्मेदारी संभालते हुए उन्होंने नगर सेवाओं को मजबूत करने, सफाई व्यवस्था में सुधार करने और जरूरतमंद क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार की वकालत की। वह अक्सर पार्टी कार्यकर्ताओं और अधिकारियों को याद दिलाते थे कि नीतिगत उपायों के माध्यम से समाज के सबसे कमजोर वर्गों तक लाभपहुंचना चाहिए।
