पंजाब के मानसा में नशा विरोधी एक्टिविस्ट परविंदर झोटा की हत्या के मामले में तूल पकड़ते विरोध प्रदर्शन के बीच राज्य सरकार ने बातचीत के लिए एक नया कदम उठाया है। गतिरोध को खत्म करने के लिए सरकार ने एक्शन कमेटी के साथ वार्ता के वास्ते 3 वरिष्ठ महिला आईएएस अधिकारियों की एक विशेष टीम नियुक्त की है।
इस प्रशासनिक टीम में फरीदकोट रेंज की कमिश्नर कंवलप्रीत कौर बराड़, मानसा की पूर्व डीसी अपनीत रियात और मानसा की वर्तमान डीसी नवजोत कौर शामिल हैं। सरकार को उम्मीद है कि इस उच्चस्तरीय प्रशासनिक दल के जरिए प्रदर्शनकारियों को बातचीत की मेज पर लाया जा सकेगा।
इससे पहले सरकार की ओर से पुलिस अधिकारियों के माध्यम से मामले को सुलझाने और बातचीत करने का प्रयास किया गया था, जिसे एक्शन कमेटी ने सिरे से खारिज कर दिया था। प्रदर्शनकारियों और एक्शन कमेटी की मुख्य मांग है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान और पुलिस महानिदेशक (DGP) इस मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पदों से इस्तीफा दें।
कमेटी का साफ कहना है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक वे परविंदर झोटा का पोस्टमॉर्टम और अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। इस वजह से मृतक का शव पिछले 7 दिनों से मानसा के अस्पताल के शवगृह में ही रखा हुआ है।
परविंदर झोटा की हत्या के विरोध में बनी इंसाफ कमेटी ने अपनी रणनीति तेज कर दी है। आज पूरे पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायकों के घरों का घेराव किया जाएगा। कमेटी के तय कार्यक्रम के अनुसार, दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक यह शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया जाएगा।
इस दौरान सभी विधायकों को विरोध स्वरूप एक ‘लानत पत्र’ सौंपा जाएगा। कमेटी ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई विधायक इस पत्र को लेने से इनकार करता है, तो उसे उनके घरों के मुख्य द्वार पर चिपका दिया जाएगा।
