जालंधर कैंट विधानसभा क्षेत्र में आम आदमी पार्टी की अंदरूनी खींचतान बढ़ती नजर आ रही है। दीपक बाली को हलका इंचार्ज बनाए जाने के बाद शुरू हुआ विवाद अब एक कथित लीक ऑडियो के सामने आने से और चर्चा में आ गया है। ऑडियो में पूर्व हलका इंचार्ज राजविंदर कौर थियाड़ा कॉन्फ्रेंस कॉल के दौरान भावुक होती सुनाई दे रही हैं। उन्होंने पार्टी में अपनी 14 साल की मेहनत का हवाला देते हुए नए नेतृत्व के फैसले पर सवाल उठाए हैं।
10 ब्लॉक अध्यक्षों के इस्तीफे के बाद विवाद और गहराया
दीपक बाली को हलका इंचार्ज बनाए जाने के बाद क्षेत्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई थी। हाल ही में 11 ब्लॉक अध्यक्षों में से 10 के इस्तीफा देने की बात सामने आई थी। अब सामने आए कथित ऑडियो ने पार्टी के भीतर मतभेदों को फिर चर्चा में ला दिया है। हालांकि, ऑडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
14 साल की मेहनत का दिया हवाला
कथित ऑडियो में थियाड़ा अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहती सुनाई दे रही हैं कि उन्होंने 14 साल तक पार्टी के लिए काम किया, लेकिन अब उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने अपनी निजी जिंदगी से जुड़े भावुक प्रसंगों का जिक्र करते हुए बताया कि पार्टी के काम के कारण वह कैंसर से जूझ रही अपनी बहन से मिलने नहीं जा सकीं। उन्होंने अपने पिता का भी जिक्र किया, जो अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान उनसे मिलने की इच्छा जताते रहे, लेकिन वह उनसे मिल नहीं पाईं और बाद में उनके पिता की मौत हो गई।
दीपक बाली के साथ काम करने पर भी उठाए सवाल
थियाड़ा ने कथित ऑडियो में कहा कि उन्होंने दीपक बाली से मिलकर काम करने की बात कही थी, लेकिन उनके मुताबिक बाली ने इससे इनकार कर दिया। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि अब दीपक बाली की टीम से ही काम करवा लिया जाए। साथ ही उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर उनके साथ मिलकर काम नहीं किया गया तो वह अपने हलके में इसका विरोध करेंगी।
दिल्ली नेतृत्व से पूछा- किस सर्वे के आधार पर हटाया?
राजविंदर कौर थियाड़ा ने दिल्ली नेतृत्व के फैसले पर सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर किस सर्वे के आधार पर उनका नाम हटाया गया। उन्होंने चुनौती दी कि पार्टी उस गांव या क्षेत्र का नाम बताए, जहां यह सर्वे कराया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बनने के बाद पार्टी में शामिल हुए नेताओं को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि वर्ष 2012 से पार्टी के लिए मेहनत करने वाले पुराने कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।
सरपंचों और वालंटियर्स को धमकाने का आरोप
कथित ऑडियो में थियाड़ा ने आरोप लगाया कि दिल्ली से आए प्रतिनिधि उनके समर्थक सरपंचों और वालंटियर्स को डराने-धमकाने का प्रयास कर रहे हैं। उनके मुताबिक, कुछ समर्थकों को ग्रांट रोकने और जांच बैठाने की धमकियां दी जा रही हैं। उन्होंने इस पर ऐतराज जताते हुए कहा कि उनके कार्यकर्ताओं को परेशान करना बंद किया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह अपने समर्थकों के साथ खड़ी हैं और उनके कथित उत्पीड़न को बर्दाश्त नहीं करेंगी।
