पंजाब विधानसभा के सत्र के दूसरे दिन सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी कांग्रेस ने विभिन्न मुद्दों को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायकों ने पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कई मुद्दों पर जवाब मांगा। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी भी देखने को मिली।
विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस नेताओं ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। विपक्षी विधायकों ने पंजाब से जुड़े विभिन्न मुद्दों को उठाते हुए सरकार से जवाब देने की मांग की। प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस की नारेबाजी के चलते सदन में हंगामे की स्थिति बन गई। विपक्षी दलों ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश की।
सदन में जारी हंगामे के बीच वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने कांग्रेस विधायक परगट सिंह पर तीखा हमला बोला। उन्होंने परगट सिंह को ‘चिट्टा पार्टी’ का सदस्य बताते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। हरपाल चीमा ने कहा कि कांग्रेस ने श्री गुटका साहिब हाथ में लेकर पंजाब से नशा खत्म करने की कसम खाई थी, लेकिन सत्ता में रहते हुए पार्टी ने नशे के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
इस बयान के बाद सदन में राजनीतिक माहौल और गरमा गया।
गौरतलब है कि पंजाब विधानसभा सत्र के पहले दिन दिवंगत हस्तियों को श्रद्धांजलि देने के बाद सदन की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई थी। वहीं, दूसरे दिन विपक्षी दलों ने विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई। प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस के हंगामे और सत्ता पक्ष की ओर से की गई बयानबाजी के चलते सदन में राजनीतिक टकराव देखने को मिला।
