पंजाब के लुधियाना स्थित खन्ना से एक पुलिस विवाद का चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां खाकी खुद सवालों के घेरे में आ गई है। पुलिस ने महंत कश्मीर गिरी के घर पर छापेमारी कर 30 ग्राम हेरोइन बरामद करने का दावा करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि, घर में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों ने इस पूरी कार्रवाई का सच उजागर कर दिया और पुलिस का झूठा दावा बेनकाब हो गया।
वायरल सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि छापेमारी से ठीक पहले सिविल ड्रेस में एक पुलिसकर्मी घर के भीतर दाखिल होता है। वह बेडरूम में जाकर गद्दे के नीचे कुछ संदिग्ध सामान रखता है और बाहर निकल जाता है। इसके तुरंत बाद पुलिस की टीम घर में छापा मारती है और गद्दे के नीचे से 30 ग्राम हेरोइन बरामद होने का दावा कर महंत को हिरासत में ले लेती है।
मामला जैसे ही खन्ना की सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SSP) डॉ. दर्पण अहलूवालिया के संज्ञान में आया, पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए निर्दोष महंत को बीती रात ही ससम्मान रिहा कर दिया गया। आरोपी पुलिसकर्मी को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया गया। मामले की निष्पक्ष और गहराई से जांच के लिए डीएसपी (DSP) रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है।
मामले पर बयान जारी करते हुए एसएसपी डॉ. दर्पण अहलूवालिया ने कहा कि सोशल मीडिया पर फुटेज वायरल होने के बाद त्वरित कार्रवाई की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस बल में किसी भी स्तर पर बेगुनाह को परेशान करने या गैर-कानूनी काम को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में पुलिस की जवाबदेही सबसे अहम है। कानून सबके लिए बराबर और सर्वोपरि है। अगर इस मामले में कोई तस्कर या पुलिसकर्मी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
