पंजाब के मानसा में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की मौत के मामले में पिछले 23 दिनों से जारी गतिरोध आखिरकार समाप्त हो गया है। परिजनों और एक्शन कमेटी ने झोटा के शव का पोस्टमॉर्टम कराने पर सहमति दे दी है। आगामी 6 नवंबर को चंडीगढ़ स्थित PGI में पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। हालांकि, अंतिम संस्कार किस दिन किया जाएगा, इस पर अभी आधिकारिक निर्णय आना बाकी है।
बुधवार (4 नवंबर) को मानसा में पंजाब विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां और कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने झोटा के परिजनों व एक्शन कमेटी के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। गहन विचार-विमर्श के बाद, मुख्यमंत्री और DGP के इस्तीफे की मांग को छोड़कर सरकार ने एक्शन कमेटी की अन्य सभी प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया।
सहमति के तहत पंजाब सरकार मृतक परविंदर सिंह झोटा के परिवार को ₹2 करोड़ की आर्थिक सहायता प्रदान करेगी। इसके साथ ही झोटा की पत्नी को उनकी शैक्षणिक योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरी देने का निर्णय लिया गया है।
पुलिस कार्रवाई को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया है। सरकार ने आश्वासन दिया है कि परविंदर झोटा के पिता और उनकी एंटी-ड्रग टास्क टीम के सदस्यों पर दर्ज किए गए सभी मुकदमे पूरी तरह से वापस और रद्द किए जाएंगे।
नशे के खिलाफ झोटा के योगदान को यादगार बनाने के लिए मानसा शहर में उनकी एक प्रतिमा स्थापित की जाएगी। इसके अलावा, पंजाब सरकार उनके पैतृक गांव ख्याला में परविंदर सिंह झोटा के नाम पर एक मॉडर्न ट्रॉमा सेंटर का निर्माण भी कराएगी।
