पंजाब की राजनीति में पिछले चार दशकों से अपना दबदबा रखने वाले वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व वित्त मंत्री सरदार लाल सिंह का आज निधन हो गया। 82 वर्षीय लाल सिंह ने मोहाली के मैक्स अस्पताल में आखिरी सांस ली, जहां वे पिछले कुछ दिनों से उपचाराधीन थे। उनके निधन की सूचना मिलते ही समूचे राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
सरदार लाल सिंह पंजाब कांग्रेस के उन गिने-चुने नेताओं में से थे, जिनका प्रभाव जमीन से लेकर सत्ता के गलियारों तक समान रूप से था। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में डकाला और सनौर विधानसभा क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व किया और कुल 7 बार विधायक चुने गए।
वह पंजाब सरकार में लगभग एक दर्जन महत्वपूर्ण विभागों के कैबिनेट मंत्री रहे। कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार के दौरान उन्होंने राज्य के वित्त मंत्री के रूप में अपनी सेवाएं दीं और पंजाब की अर्थव्यवस्था को दिशा देने में अहम भूमिका निभाई।
मंत्री रहने के अलावा, लाल सिंह ने पंजाब मंडी बोर्ड के चेयरमैन के रूप में भी किसानों और आढ़तियों के लिए बड़े फैसले लिए थे। संगठन के प्रति उनकी निष्ठा को देखते हुए उन्हें पंजाब कांग्रेस का वर्किंग प्रेसिडेंट (कार्यकारी अध्यक्ष) भी बनाया गया था। वह अपनी साफ-सुथरी छवि और रणनीतिक कौशल के लिए जाने जाते थे। पंजाब की राजनीति में उनके 40 साल के सफर का अंत होने से कांग्रेस पार्टी ने अपना एक मजबूत स्तंभ खो दिया है।
