पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्रियों हरदीप सिंह मुंडियां, कुलदीप सिंह धालीवाल और मुकेरियां के कारोबारी मलकीत सिंह के बीच ऑडियो-वीडियो वायरल होने का मामला अब और भी संवेदनशील हो गया है। इस पूरे विवाद के बीच अब कारोबारी मलकीत सिंह की दो नन्हीं बेटियां सामने आई हैं। गुरनीत कौर जैलदार और जसनीत कौर जैलदार ने एक भावुक वीडियो संदेश जारी कर मुख्यमंत्री भगवंत मान से सीधा सवाल किया है कि उनका क्या कसूर है? बच्चियों का कहना है कि वे पिछले एक साल से डर के साये में जी रही हैं और सुरक्षा कारणों से नियमित स्कूल भी नहीं जा पा रही हैं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पंजाब की सियासत और कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वायरल वीडियो में दोनों बहनों ने आरोप लगाया है कि उनके ही पैतृक गांव हयातपुर के रहने वाले और वर्तमान में लुधियाना से विधायक व कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां उनके परिवार की तरक्की से ईर्ष्या रखते हैं। बच्चियों ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि उनके पिता को पहले गोली मारने की कोशिश की गई और अब उन्हें किडनैप किए जाने की धमकियां मिल रही हैं। परिवार के खौफ का आलम यह है कि उन्हें स्कूल से बार-बार छुट्टियां लेनी पड़ रही हैं, जिससे उनकी पढ़ाई का भारी नुकसान हो रहा है। बच्चियों ने मुख्यमंत्री से पूछा कि क्या किसी को आगे बढ़ने या मेहनत करने की सजा इस तरह दी जाएगी कि उसके बच्चों का भविष्य अंधकार में डाल दिया जाए?
गुरनीत और जसनीत ने वीडियो में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मंत्री के प्रभाव के चलते पुलिस और प्रशासन उनके पिता को प्रताड़ित कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जब उनके पिता पर जानलेवा हमला हुआ, तो पुलिस ने एफआईआर (FIR) दर्ज करने के बजाय ‘राजीनामा’ या समझौता करने का दबाव बनाया। बच्चियों ने यह भी कहा कि एक जिम्मेदार पद पर बैठे मंत्री को अभद्र भाषा का इस्तेमाल करना शोभा नहीं देता। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि उनके परिवार के किसी भी सदस्य को कुछ भी नुकसान होता है, तो इसके सीधे जिम्मेदार मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां, जोरावर सिंह मुंडिया और गांव के वे पंचायत सदस्य होंगे जो इस समय उनके परिवार को मानसिक तौर पर परेशान कर रहे हैं।
इस हाई-प्रोफाइल विवाद में अब विपक्ष भी पूरी तरह सक्रिय हो गया है। शनिवार को पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष (LoP) प्रताप सिंह बाजवा मुकेरियां के हयातपुर गांव स्थित कारोबारी भाइयों की ट्राली बनाने वाली फैक्ट्री पहुंचे। बाजवा ने पीड़ित परिवार और बच्चियों से मुलाकात कर उन्हें आश्वासन दिया कि पूरी कांग्रेस पार्टी उनके साथ खड़ी है। मीडिया से बात करते हुए बाजवा ने सरकार पर तीखा हमला बोला और कहा कि आज पंजाब के हालात इस कदर बदतर हो चुके हैं कि सूबे के मंत्री खुलेआम व्यापारियों से ट्रालियों की मांग कर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से दोनों मंत्रियों और संबंधित विधायकों के इस्तीफे की मांग की है और चेतावनी दी है कि वे इस मुद्दे को विधानसभा में पूरी ताकत से उठाएंगे।
यह मामला अब केवल एक राजनीतिक विवाद नहीं रह गया है, बल्कि यह मासूम बच्चों की शिक्षा और नागरिक सुरक्षा से जुड़ा गंभीर प्रश्न बन गया है। कारोबारी परिवार का कहना है कि गांव के सरपंच और कुछ राजनीतिक रसूखदार लोग सच को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, बच्चियों की अपील ने आम जनता की संवेदनाओं को झकझोर दिया है। अब देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान अपने मंत्रियों पर लगे इन गंभीर आरोपों और बच्चियों द्वारा मांगी गई सुरक्षा की गुहार पर क्या रुख अपनाते हैं। फिलहाल, मुकेरियां और लुधियाना के राजनीतिक हलकों में इस वीडियो और बाजवा के दौरे के बाद तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।
