रवनीत सिंह बिट्टू के खिलाफ पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। धुरी दौरे के दौरान कथित तौर पर जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल के मामले में आयोग ने स्वत: संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश जारी किए हैं। इस संबंध में सगंरूर के SSP से विस्तृत रिपोर्ट तलब की गई है।
पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष जसवीर सिंह गढ़ी ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि यह मुद्दा सोशल मीडिया के माध्यम से उनके संज्ञान में आया। वायरल वीडियो और विभिन्न खबरों में दावा किया गया कि रवनीत सिंह बिट्टू ने कथित तौर पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया था। मामला सामने आने के बाद आयोग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जांच शुरू करने के निर्देश जारी कर दिए।
जानकारी के अनुसार यह विवाद धूरी में निकाय चुनाव के माहौल के दौरान सामने आया। बताया जा रहा है कि दौरे के दौरान बिट्टू की वहां तैनात पंजाब पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ तीखी बहस हुई थी। आरोप है कि इसी दौरान गहमागहमी के बीच उन्होंने पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों के खिलाफ अमर्यादित और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ गया।
पंजाब एससी आयोग ने इस मामले में जांच रिपोर्ट सौंपने के लिए 1 जून 2026 सुबह 9 बजे तक का समय दिया है। आयोग ने निर्देश दिए हैं कि एसपी हेडक्वार्टर, संगरूर के माध्यम से पूरी रिपोर्ट पेश की जाए। आयोग का कहना है कि रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा।
