पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार ने विधानसभा चुनावों से पहले सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत देने वाला फैसला लिया है। शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में ग्रुप C और ग्रुप D की सरकारी नौकरियों में आउटसोर्सिंग और ठेकेदारी व्यवस्था को समाप्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। सरकार का कहना है कि इस कदम से कर्मचारियों को अधिक सुरक्षा और स्थिरता मिलेगी।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कैबिनेट बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि सरकार के इस फैसले से करीब 1.25 लाख कच्चे और आउटसोर्स कर्मचारियों को लाभ पहुंचेगा। मौजूदा कर्मचारियों को नियमित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जबकि भविष्य में ग्रुप C और D के पदों पर केवल नियमित सरकारी भर्ती की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि सरकार जल्द ही पंजाब विधानसभा में दो नए विधेयक पेश करेगी। इनमें ‘पंजाब आउटसोर्स पर्सनल बिल-2026’ भी शामिल होगा। इस कानून के जरिए लंबे समय से विभिन्न विभागों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों को सीधे भर्ती व्यवस्था के दायरे में लाने का प्रावधान किया जाएगा।
भगवंत मान ने कहा कि राज्य सरकार ठेकेदारी प्रथा को पूरी तरह समाप्त करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इस संबंध में कैबिनेट ने अध्यादेश को मंजूरी दे दी है। अब इसे राज्यपाल के पास भेजा जाएगा और मंजूरी मिलने के बाद विधानसभा में विधेयक के रूप में पेश किया जाएगा।
कर्मचारियों के लिए अहम निर्णय
सरकार का मानना है कि इस फैसले से कर्मचारियों को नौकरी की सुरक्षा मिलेगी और सरकारी विभागों में भर्ती प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी। साथ ही आउटसोर्सिंग व्यवस्था पर निर्भरता कम होने से कर्मचारियों के हितों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।
