
दिल्ली के वसंत कुंज में रजोकरी फ्लाईओवर पर हुए थार hit and run हादसे में 34 साल के सार्थक मट्टू की मौत ने हमारे पूरे पुलिस सिस्टम को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
सार्थक अपनी बाइक से गुरुग्राम से नोएडा ऑफिस जा रहे थे तभी पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार महिंद्रा थार ने उन्हें इतनी जोरदार टक्कर मारी कि उनकी बाइक सीधे फ्लाईओवर से नीचे जा गिरी। थार चला रहा आरोपी अपूर्व सिंह और उसका साथी सार्थक को बीच सड़क पर मरता हुआ छोड़कर भाग गए।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार तो किया लेकिन हल्की और जमानती धाराएं होने की वजह से वो तुरंत कोर्ट से बाहर आ गया।
परिवार का सीधा आरोप है कि पुलिस ने जानबूझकर आरोपी ड्राइवर का ब्लड अल्कोहल टेस्ट करने में करीब 50 घंटे की देरी की जिससे टेस्ट के दौरान कुछ पता ना लगे और कोर्ट में केस कमजोर पड़ सके।
सार्थक के माता पिता एक कश्मीरी पंडित परिवार से है जो पहले ही अपनी जिंदगी में घर जलने जैसी कई बड़ी मुश्किलें झेलकर आगे बढ़ा था लेकिन अब इस हादसे ने उनके बुढ़ापे का इकलौता सहारा भी छीन लिया।

