जालंधर के GS होंडा शोरूम में बुधवार सुबह नई एक्टिवा में खराबी को लेकर हंगामा हो गया। 24 दिन पहले एक्टिवा खरीदने वाला ग्राहक शिकायत लेकर शोरूम पहुंचा था। ग्राहक का आरोप है कि एक्टिवा रास्ते में रुक-रुककर चलने लगी, जिससे वह हाईवे पर हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गया।
पीड़ित ग्राहक दीपक ने बताया कि उसने करीब 24 दिन पहले शोरूम से नई एक्टिवा खरीदी थी। कुछ दिन बाद वह एक्टिवा की टंकी फुल करवाकर नंगल घूमने के लिए गया। रास्ते में अचानक एक्टिवा रुक-रुककर चलने लगी। इस दौरान हाईवे पर उसे काफी परेशानी का सामना करना पड़ा और वह हादसे से बच गया।
दीपक के मुताबिक, खराबी की शिकायत लेकर जब वह शोरूम पहुंचा तो उसने नई एक्टिवा देने की मांग की। इसी दौरान शोरूम के अधिकारियों की ओर से कथित तौर पर कहा गया कि अगले दो महीने तक एक्टिवा में 200 रुपये से ज्यादा का पेट्रोल न डलवाएं, वरना वाहन में परेशानी आ सकती है।
ग्राहक का कहना है कि अगर उसे शहर से बाहर जाना हो तो वह रास्ते में बार-बार पेट्रोल कैसे भरवाता रहेगा। उसने एक्टिवा की सर्विस को लेकर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि कर्मचारी उसकी गाड़ी को ठीक तरीके से चेक नहीं कर रहे हैं। एक्टिवा का पसंदीदा नंबर लेने के लिए उसने अलग से करीब 10 हजार रुपये खर्च किए हैं। इसके बावजूद नई गाड़ी में आ रही परेशानी का समाधान नहीं हो रहा।
काफी देर तक सुनवाई न होने से नाराज ग्राहक ने शोरूम के बाहर खड़ी एक्टिवा पर पोस्टर लगा दिए। इन पोस्टरों पर लिखा था कि एक्टिवा में 200 रुपये से ज्यादा का पेट्रोल न डलवाया जाए। वह सुबह से अपनी एक्टिवा ठीक करवाने के लिए शोरूम में खड़ा है, लेकिन उसकी समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा। इसी बात को लेकर उसका शोरूम कर्मचारियों के साथ विवाद हो गया।
शोरूम के सुपरवाइजर ने ग्राहक के आरोपों पर अपनी सफाई दी। उसने बताया कि वह सुबह करीब 9:25 बजे शोरूम पहुंचा था। उस समय करीब 25 ग्राहक एक्टिवा की सर्विस करवाने के लिए आए हुए थे। दीपक की एक्टिवा का सर्विस नंबर 23वां था, जबकि उस समय 15वां नंबर चल रहा था। ग्राहक ने नई एक्टिवा खराब होने की बात कही थी, जिस पर स्टाफ ने उसे कुछ देर इंतजार करने के लिए कहा। इसके बाद ग्राहक ने कथित तौर पर उनके साथ गलत व्यवहार किया। एथेनॉल को लेकर वाहनों में परेशानियां सामने आ रही हैं, लेकिन 200 रुपये से ज्यादा पेट्रोल न डलवाने की बात गलत तरीके से बताई जा रही है।
शोरूम के एक अन्य अधिकारी ने कहा कि वह हर ग्राहक को वाहन की टंकी फुल न करवाने की सलाह देते हैं। उनके मुताबिक, टंकी फुल करवाने के दौरान गैस बनने की वजह से वाहनों में इस तरह की परेशानी आ सकती है। वाहनों में यह समस्या 2023 से सामने आ रही है और ग्राहक दीपक को भी टंकी फुल न करवाने के लिए कहा गया था। हालांकि, ग्राहक इस सफाई से संतुष्ट नहीं है और नई एक्टिवा में आई खराबी का स्थायी समाधान चाहता है।

