पंजाब में सरकारी बसों से सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए बड़ी खबर है। पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी की बसों का 22 सितंबर से चक्का जाम करने का ऐलान किया गया है। कर्मचारियों की लंबित मांगों पर सरकार की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं होने के विरोध में पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन पंजाब ने यह फैसला लिया है।
यूनियन की ओर से चंडीगढ़ में विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में कर्मचारियों की मांगों और सरकार की ओर से अब तक की गई कार्रवाई को लेकर चर्चा की गई। यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि लंबे समय से मांगें उठाने और सरकार के साथ बातचीत के बावजूद कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है। बैठक के बाद यूनियन ने 22 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल और सरकारी बसों का पूर्ण चक्का जाम करने का फैसला लिया।
यूनियन के प्रदेश प्रधान रेशम सिंह गिल ने कहा कि संविदा कर्मचारियों की मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को कई बार आश्वासन दिए गए, लेकिन उन पर जमीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी के चलते कर्मचारियों को अब आर-पार की लड़ाई का फैसला लेना पड़ा है। यूनियन का कहना है कि जब तक उनकी मांगों का स्थायी समाधान नहीं होता, आंदोलन जारी रखा जाएगा।
अगर 22 सितंबर से सरकारी बसों का चक्का जाम होता है, तो इसका सीधा असर रोजाना सफर करने वाले यात्रियों पर पड़ सकता है। पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी की सेवाएं प्रभावित होने से लोगों को निजी वाहनों या अन्य परिवहन साधनों पर निर्भर रहना पड़ सकता है।
