केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जालंधर में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए पंजाब की भगवंत मान सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने पंजाब को नशे के दलदल और चिट्टे में धकेल दिया है। उन्होंने वादा किया कि भारतीय जनता पार्टी 2027 का विधानसभा चुनाव ‘नशामुक्त पंजाब’ के मुद्दे पर लड़ेगी और अगर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनती है तो 31 दिसंबर 2029 से पहले पंजाब को पूरी तरह नशा मुक्त कर दिया जाएगा।
रैली को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि जो लोग दिल्ली में शराब घोटाले में पकड़े गए हों, वे पंजाब को नशे से निजात कैसे दिला सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा मान सरकार ने नशे के कारोबार को रोकने के बजाय इसे और बढ़ाया है। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि बीते तीन वर्षों में पंजाब सरकार ने एंटी-ड्रग्स को लेकर एक भी समीक्षा बैठक नहीं की और केंद्र सरकार की ओर से जालंधर में एनसीबी (NCB) का दफ्तर खोलने के प्रस्ताव को भी खारिज कर दिया।
गृह मंत्री ने नशे से प्रभावित परिवारों से मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा कि एक मां अपनी गोद में अपने दो मृत बेटों की तस्वीर लेकर पंजाब को बचाने की गुहार लगा रही थी। उन्होंने कहा कि नशे के कारण जब देश का होनहार युवा असमय मौत का शिकार होता है, तो बेहद दुख होता है। शाह ने पंजाब के युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे राज्य के सुनहरे भविष्य के लिए भाजपा को मौका दें। सरकार आने पर युवाओं को नशे के दलदल से निकालकर रोजगार के नए और उचित अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
अमित शाह ने जनसभा में पंजाब में बिगड़ती कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि आज पंजाब में महिलाओं की सुरक्षा एक बहुत गंभीर विषय बन चुकी है। उन्होंने जनता को आश्वस्त किया कि भाजपा की सरकार बनने पर महिलाओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था में सुधार करना पहली प्राथमिकता होगी।
