चुनाव आयोग के दौरे से पंजाब में बढ़ी चुनावी तपिश पंजाब में आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में सरगर्मियां तेज हो गई हैं। चुनाव आयोग (ECI) की एक उच्चस्तरीय टीम 27 और 28 अक्टूबर को पंजाब दौरे पर आ रही है। इस दो दिवसीय दौरे के दौरान आयोग की टीम राज्य में जमीनी स्तर पर चुनावी तैयारियों, सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा करेगी।
सूत्रों और मौजूदा परिस्थितियों के आधार पर यह कयास लगाए जा रहे हैं कि यदि सब कुछ तय समय-सारणी के अनुसार रहा, तो 15 दिसंबर के बाद किसी भी समय चुनावों की आधिकारिक घोषणा की जा सकती है। इसके बाद फरवरी 2027 में राज्य की सभी सीटों पर मतदान प्रक्रिया संपन्न कराई जा सकती है।
यदि पिछले यानी 2022 के विधानसभा चुनावों के आंकड़ों पर नजर डालें, तो चुनाव आयोग की टीम 15–16 दिसंबर 2021 को पंजाब पहुंची थी। इसके ठीक 24 दिन बाद, यानी 8 जनवरी 2022 को चुनाव की तिथियों का ऐलान कर दिया गया था। इसके बाद 20 फरवरी को वोट डाले गए थे और 10 मार्च को मतगणना हुई थी। इसी पुराने ट्रेंड को देखते हुए माना जा रहा है कि इस बार भी आयोग के दौरे के कुछ ही हफ्तों के भीतर तारीखों का ऐलान हो सकता है।
पंजाब में वर्तमान मुख्यमंत्री और सरकार का कार्यकाल मार्च 2027 तक है, इसलिए आयोग इससे पहले ही संपूर्ण चुनावी प्रक्रिया को पूरा कराने की रणनीति बना रहा है। चुनाव आयुक्तों के मुख्य दौरे से पहले ही दिल्ली से अधिकारियों की विशेष टीमें पंजाब भेजी जा चुकी हैं। यह टीमें विभिन्न जिलों में जाकर मतदाता सूची, पोलिंग बूथों और लॉ एंड ऑर्डर स्थिति पर रिपोर्ट तैयार कर रही हैं, जिसे मुख्य आयोग के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
