पंजाब में सरकारी बसों की सेवाओं को लेकर संकट गहराता जा रहा है। पंजाब रोडवेज, पनबस और PRTC के कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों की हड़ताल खत्म होने के आसार फिलहाल नजर नहीं आ रहे हैं। अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों और सरकार के बीच बुधवार को चंडीगढ़ में हुई बैठक बेनतीजा रही। परिवहन मंत्री हरपाल सिंह चीमा और यूनियन नेताओं के बीच किसी भी मांग पर सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद यूनियन ने हड़ताल जारी रखने का ऐलान कर दिया है। ऐसे में सरकारी बसों से सफर करने वाले यात्रियों की परेशानी और बढ़ सकती है।
कर्मचारियों की मांगों का समाधान निकालने के लिए बुधवार को चंडीगढ़ में परिवहन मंत्री हरपाल सिंह चीमा और यूनियन नेताओं के बीच अहम बैठक हुई। इस दौरान परिवहन विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे, लेकिन बातचीत के बावजूद विवाद का कोई ठोस हल नहीं निकल पाया।
यूनियन नेताओं का कहना है कि जब तक उनकी मांगों को लेकर सरकार की ओर से ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। बैठक में मांगों को पूरा करने के लिए कोई समय-सीमा भी तय नहीं हो सकी।
यूनियन के प्रधान रेशम सिंह और अन्य नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार ने सत्ता में आने से पहले और बाद में भी कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को नियमित करने के कई वादे किए थे, लेकिन अब तक उन्हें पूरा नहीं किया गया। उन्हें नियमित करने के संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है।
बैठक विफल होने के बाद यूनियन नेताओं ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को जल्द स्वीकार नहीं किया गया, तो आगामी विधानसभा सेशन के दौरान विधानसभा का घेराव किया जाएगा। कर्मचारी नेताओं ने स्पष्ट किया कि वे अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखेंगे। अब सरकार और यूनियन के बीच दोबारा बातचीत होती है या नहीं और उससे कोई समाधान निकलता है या नहीं, इस पर नजर रहेगी।
सरकारी बसों की हड़ताल जारी रहने से पंजाब में रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। खासकर नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों और उन यात्रियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं, जो रोजाना आने-जाने के लिए पंजाब रोडवेज, पनबस और PRTC की बसों पर निर्भर रहते हैं।
