मानसा में नशा विरोधी एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की हत्या के 12 दिन बाद भी उनका पोस्टमॉर्टम नहीं हो सका है। झोटा के परिजन और एक्शन कमेटी मुख्यमंत्री भगवंत मान और DGP के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं। अब मृतक के पिता भीम सिंह ने मानसा के SSP वैभव चौधरी के कामकाज पर सवाल उठाते हुए उनके तत्काल तबादले की मांग की है।
परविंदर झोटा के पिता भीम सिंह ने आरोप लगाया कि उनके बेटे की हत्या में पुलिस की मिलीभगत होने की आशंका है। उन्होंने मानसा के SSP वैभव चौधरी के कामकाज पर सवाल उठाते हुए कहा कि SSP को तुरंत जिले से ट्रांसफर किया जाना चाहिए।इसके साथ ही उन्होंने सस्पेंड किए गए DSP हरजिंदर सिंह गिल और थाना सिटी-2 की SHO बेअंत कौर को तत्काल नौकरी से बर्खास्त करने की मांग की है।
परविंदर झोटा के परिवार और एक्शन कमेटी की ओर से मुख्यमंत्री भगवंत मान और DGP के इस्तीफे की मांग की जा रही है। इसी मांग को लेकर परिजन और एक्शन कमेटी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। झोटा की हत्या के 12 दिन बीत जाने के बावजूद पोस्टमॉर्टम नहीं हो पाया है। मामले को लेकर परिवार और सरकार के बीच जारी गतिरोध के कारण आगे की कार्रवाई पर भी सवाल बने हुए हैं।
परविंदर झोटा हत्याकांड की जांच कर रही CBI ने शनिवार सुबह मानसा के कई मेडिकल स्टोरों पर छापेमारी की। इस दौरान प्रतिबंधित नशीली दवाओं की बिक्री और उनके स्टॉक से संबंधित रिकॉर्ड की जांच की गई। CBI की कार्रवाई को लेकर अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। जांच एजेंसी मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
सरकार की ओर से गठित तीन महिला IAS अधिकारियों की SIT में शामिल अधिकारी अपनीत रियात के मुताबिक, परिवार और एक्शन कमेटी की 11 मांगों को स्वीकार कर लिया गया है। इस संबंध में एक्शन कमेटी को लिखित पत्र भी सौंपा गया है।
