जालंधर के गोराया में शुक्रवार सुबह स्कूली बच्चों से भरी एक निजी स्कूल बस हादसे का शिकार हो गई। गांव ढंडवाड़ में तेज रफ्तार बस अचानक बेकाबू होकर मोटर के पास बने सोलर प्लांट में जा घुसी। हादसे के समय बस में 25 बच्चे सवार थे। गनीमत रही कि किसी भी बच्चे को चोट नहीं आई और सभी सुरक्षित हैं। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी।
जानकारी के मुताबिक, बस बच्चों को लेकर जा रही थी। इसी दौरान गांव ढंडवाड़ में अचानक बस चालक का नियंत्रण वाहन से हट गया और बस सीधे मोटर के पास लगे सोलर प्लांट में जा घुसी। टक्कर के बाद बस में बैठे बच्चों में चीख-पुकार मच गई। बच्चों की आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और उनकी मदद की। स्थानीय लोगों ने राहत की बात बताई कि हादसे में किसी बच्चे को चोट नहीं आई।
बस चालक रमनदीप सिंह के मुताबिक, बस के ब्रेक अचानक फेल हो गए थे। इसी वजह से बस अनियंत्रित होकर सोलर प्लांट में जा टकराई। हादसे के करीब आधे घंटे बाद बस मालिक मौके पर पहुंचा। इसके बाद काफी मशक्कत करते हुए बस को सोलर प्लांट के नीचे से बाहर निकाला गया। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। इस दौरान जब बस चालक से ड्राइविंग लाइसेंस मांगा गया तो उसके पास लाइसेंस नहीं मिला। इस खुलासे के बाद स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में चलने वाली सभी स्कूल बसों की विशेष जांच करवाई जाए। उन्होंने कहा कि जिन बसों के दस्तावेज अधूरे हैं या जो नियमों का पालन नहीं कर रही हैं, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। लोगों का कहना है कि स्कूली बसों में छोटे बच्चे सफर करते हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। गनीमत रही कि इस हादसे में 25 बच्चों की जान बच गई, लेकिन ड्राइवर के पास लाइसेंस नहीं मिलने से बसों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
