पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में 26 सितंबर को हुई हिंसा के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में एक छात्रा से कथित दुष्कर्म की खबर पुलिस जांच में अफवाह निकली है। पंजाब पुलिस की जांच में न तो इस घटना का कोई सबूत मिला और न ही कथित पीड़िता की पहचान हो सकी। पुलिस ने मामले की जांच पूरी कर कैंसिलेशन रिपोर्ट तैयार कर ली है। अब इसे अदालत में दाखिल किया जाएगा। इस संबंध में पंजाब पुलिस ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में हलफनामा भी पेश किया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पंजाब पुलिस ने जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया था। SIT ने जांच के दौरान 50 से अधिक लोगों के बयान दर्ज किए। इसके अलावा यूनिवर्सिटी परिसर और हॉस्टल में लगे सीसीटीवी कैमरों की करीब दो सप्ताह की फुटेज की भी जांच की गई। जांच के दौरान हॉस्टल में दुष्कर्म होने का कोई प्रमाण नहीं मिला। यहां तक कि कथित पीड़िता की पहचान भी सामने नहीं आ सकी। किसी को यह जानकारी नहीं थी कि कथित पीड़िता कौन है और उसका नाम-पता क्या है।
पुलिस जांच में सामने आया कि यूनिवर्सिटी की एक छात्रा ने हॉस्टल में दुष्कर्म होने की बात सुनी थी। इसके बाद उसने इस जानकारी से जुड़ा मैसेज दूसरे लोगों के साथ साझा किया। धीरे-धीरे यह मैसेज फैल गया और कुछ लोगों ने इसे वायरल कर दिया। इसी खबर के बाद यूनिवर्सिटी में छात्रों के बीच गुस्सा फैल गया। देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया। हालांकि, पुलिस की जांच में कथित दुष्कर्म की घटना की पुष्टि नहीं हुई।
पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद मामले में कैंसिलेशन रिपोर्ट तैयार कर ली है। इसे अब संबंधित अदालत में दाखिल किया जाएगा। वहीं, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में दाखिल हलफनामे में भी पुलिस ने अपनी जांच के निष्कर्षों की जानकारी दी है।
