जालंधर: सेंट्रल हलके से विधायक रमन अरोड़ा को बीते दिन ही हाई कोर्ट से 105 दिन के बाद रेगुलर बैल मिली थी। लेकिन जालंधर कमिश्नरेट पुलिस द्वारा विधायक के खिलाफ थाना रामा मंडी में एक और मामला दर्ज कर लिया गया है। थाना रामा मंडी की पुलिस विधायक रमन अरोड़ा को आज प्रोडक्शन वारंट पर कोर्ट लेकर पहुंची, जहां कोर्ट से रमन अरोड़ा का 3 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया।
वहीं मामले की जानकारी देते हुए विधायक के वकील ने बताया कि एफआईआर 253 का मामला एक माह पहले का है। इस एफआईआर में कहा गया हैकि विधायक द्वारा किसी ठेकेदार से महीना लिया जाता है। वकील ने कोर्ट में दलील दी है कि पहले केस के दौरान क्यों नहीं एफआईआर दर्ज करवाई गई। वकील ने बताया कि रविवार को अब विधायक को कोर्ट में पेश किया जाएगा। जिसके बाद अब रमन अरोड़ा का मेडिकल करवाने के लिए सिविल अस्पताल ले जाया गया है।
बता दें कि सेंट्रल हलके से विधायक रमन अरोड़ा को बीते दिन ही हाई कोर्ट से 105 दिन के बाद रेगुलर बेल मिली थी। ऐसे में रमन अरोड़ा की मुश्किलें एक बार फिर से बढ़ती हुई दिखाई दे रही है। बीते दिन रमन अरोड़ा के समधी की भी एंटीसिपेट्री बेल पर भी सुनवाई हुई, जहां कोर्ट से 17 सिंतबर की तारीख दी गई है। इससे पहले 20 अगस्त को नगर निगम की महिला इंस्पेक्टर हरप्रीत कौर की हाईकोर्ट से रेगुलर बेल हो चुकी है, जबकि विधायक के करीबी आढ़ती महेश मखीजा भी बेल पर हैं।
वहीं एटीपी सुखदेव वशिष्ठ 114 दिन से जेल में बंद थे, लेकिन अब उन्हें रेगुलर बेल मिल गई है। एटीपी को विजिलेंस ने 14 मई को पकड़ा था, जबकि विधायक को 23 मई को उनके अशोक नगर घर से अरेस्ट किया था। विधायक रमन अरोड़ा के खुलासे के बाद साजिश में उनके बेटे राजन अरोड़ा, समधी, हरप्रीत कौर और मखीजा को आरोपी बनाया गया था। राजन को हाईकोर्ट से राहत मिल चुकी है। विधायक के घर से 6,30,245 रुपए और 1200 ग्राम सोने के जेवर बरामद हुए थे।
