जालंधरः न्यू विजय नगर इलाके में सोमवार शाम दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां एक कोठी में अचानक आग लगने के कारण 28 साल की युवती उसकी चपेट में आ गई और जलने से उसकी मौत हो गई। मृतका की पहचान रूबिका के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक उसे पैरालाइसिस था और इसी कारण वह मानसिक तौर पर अस्वस्थ थी। थाना 4 की एसएचओ अनु पलयाल ने बताया कि पुलिस को न्यू विजय नगर स्थित घर में आग लगने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंच गईं। जांच में सामने आया कि आग लगने का मुख्य कारण बिजली का शॉर्ट सर्किट था। जिक्रयोग है कि रूबिका रिश्ते में चौधरी विक्रमजीत सिंह की भतीजी थी।
जिक्रयोग है कि रूबिका शारीरिक तौर पर अस्वस्थ रहने के कारण काफी तनाव में थी। जब कमरे में आग लगी तो वह बिस्तर से उठ ही नहीं सकी। फायर ब्रिगेड के काबू पाने तक वह दम तोड़ चुकी थी। फिलहाल घटना का कारण शार्ट सर्किट बताया गया है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल में भिजवा दिया है। जिस कोठी में आग लगी, उसके कमरे की दीवारों पर पीवीसी शीटें लगी हुई थीं। प्लास्टिक होने के कारण आग ने तेजी से विकराल रूप धारण कर लिया और देखते ही देखते पूरे कमरे को अपनी चपेट में ले लिया। पीवीसी के जलने से निकले जहरीले धुएं और भड़कती लपटों ने युवती को बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं छोड़ा।
जिस समय कोठी में आग लगी, तब रूबिका कमरे में बेड पर लेटी हुई थी। चूंकि वह मानसिक रूप से अस्वस्थ थी, इसलिए वह खतरे को भांपने के बावजूद न तो शोर मचा सकी और न ही समय रहते बेड से उठकर बाहर भाग पाई। आग इतनी तेजी से फैली कि युवती को संभलने का मौका तक नहीं मिला और वह बिस्तर पर ही जिंदा जल गई। बताया जा रहा है कि मृतका रिश्ते में फिल्लौर के विधायक चौधरी विक्रमजीत सिंह की भतीजी थी। घटना के बाद इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। देर रात तक मामले की जांच जारी रही। इस घटना ने एक बार फिर घरों में सुरक्षा मानकों और पीवीसी जैसी ज्वलनशील सामग्री के इस्तेमाल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
