भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील और केंद्र सरकार के नए लेबर कोड के खिलाफ आज देशभर में हड़ताल का आह्वान किया गया है। पंजाब में किसान संगठनों, ट्रेड यूनियनों और कर्मचारी संगठनों के इस ‘भारत बंद’ का व्यापक असर दिख रहा है। हालांकि पक्के कर्मचारी ड्यूटी पर हैं, लेकिन कॉन्ट्रैक्ट मुलाजिमों के हड़ताल पर जाने से सरकारी विभागों में कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
14 घंटे काम का नियम मंजूर नहीं, PNB कर्मियों का प्रदर्शन
जालंधर के श्रीराम चौक पर पंजाब नेशनल बैंक के कर्मचारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। यूनियन नेता हरविंदर सिंह ने कहा कि 29 लेबर कानूनों को खत्म कर 4 लेबर कोड बनाना मजदूरों के लिए ‘जहर’ जैसा है। उन्होंने आरोप लगाया कि नए नियमों के तहत कर्मचारियों से 14 घंटे काम लेने की तैयारी है और जॉब सिक्योरिटी खत्म कर सबको ठेके (कॉन्ट्रैक्ट) पर शिफ्ट किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने ‘अग्निवीर योजना’ का जिक्र करते हुए बेरोजगारी बढ़ने का डर जताया।
लुधियाना: बैंक कर्मी भी मजदूरों के समर्थन में उतरे
लुधियाना में पंजाब बैंक इंप्लाइज फेडरेशन के सेक्रेटरी नरेश गौड़ ने स्पष्ट किया कि बैंक कर्मचारी पूरी तरह मजदूरों के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि देश का मजदूर परेशान है, इसलिए बैंक कर्मी भी सड़कों पर हैं। लुधियाना में बैंकिंग सेवाओं पर इस हड़ताल का खासा असर देखा जा रहा है।
PRTC यूनियन का फूटा गुस्सा: “जेल में बंद साथियों को रिहा करो”
पीआरसीटी (PRTC) कॉन्ट्रैक्ट यूनियन के प्रधान रेशम सिंह गिल ने इस हड़ताल को ‘मजबूरी’ बताया। उन्होंने कहा कि उनके 10 साथी पिछले 75 दिनों से संगरूर जेल में बंद हैं और कई मुलाजिमों को नौकरी से निकाल दिया गया है। सरकार द्वारा किए गए वादों के बावजूद कार्रवाई न होने के कारण ट्रांसपोर्ट कर्मियों ने पहिया जाम करने का फैसला लिया।
PSPCL की चेतावनी और राजनीतिक समर्थन
बिजली विभाग (PSPCL) के संगठनों ने भी पूर्ण हड़ताल का ऐलान किया है, जिसके जवाब में विभाग ने हड़ताली कर्मियों को नौकरी से निकालने की चेतावनी दी है। दूसरी ओर, इस बंद को पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस का पुरजोर समर्थन मिला है। कांग्रेस नेता के.सी. वेणुगोपाल ने देशभर में इस आंदोलन को सफल बनाने की अपील की है।
