जालंधर: पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को समन जारी करने के मामले में इनफोर्समेंट अतिरिक्त डायरेक्टर रवि तिवारी का तबादला कर दिया गया। मिली जानकारी के मुताबिक, यह कार्रवाई क्लोजर रिपोर्ट लीक होने के मामले में की गई है। केंद्र की ईडी के साथ संबंधित इस अधिकारी के खिलाफ सख्त रवैया अपनाते हुए तबादले के आदेश जारी किए गए हैं। सूत्रों के अनुसार, भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए यह फैसला लिया है। बताया जा रहा है कि उक्त अधिकारी द्वारा ही कैप्टन अमरिंदर सिंह को समन जारी किया गया था।
बताया जा रहा है कि ईडी द्वारा पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और उनके पुत्र रणजीत सिंह के खिलाफ फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (FEMA) के कथित उल्लंघन और अनदेखी विदेशी दौलत के मामलों की जांच की जा रही है। इस जांच का मुख्य केंद्र स्विट्जरलैंड और ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स के ट्रस्टों में किए गए लेन-देन हैं। अदालतों ने ईडी को उन आमदनी रिकॉर्ड तक पहुंच की अनुमति दी है, जो अंतरराष्ट्रीय संधियों के माध्यम से प्राप्त किए गए थे। इससे पहले, कैप्टन अमरिंदर सिंह को फोर्टिस अस्पताल में दाखिल करवाया गया था। वह कुछ समय से लगातार घुटनों में दर्द की शिकायत कर रहे थे, जिसके कारण उनकी शारीरिक गतिविधियां प्रभावित हो रही थीं।
मिली जानकारी के मुताबिक, कैप्टन अमरिंदर सिंह को एक दिन पहले अस्पताल में भर्ती कराया गया था। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम द्वारा उनके घुटनों को बदलने का सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के बाद, सावधानी के तौर पर उन्हें आईसीयू में भेजा गया था ताकि उनकी सेहत पर करीब से निगरानी रखी जा सके और उनका हाल जानने के लिए हरियाणा के बीजेपी नेता अनिल विज भी अस्पताल पहुंचे।
फोर्टिस अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक विशेष टीम लगातार उनकी सेहत की निगरानी कर रही है। अस्पताल प्रशासन द्वारा दिए गए अपडेट के अनुसार, कैप्टन अमरिंदर सिंह की हालत इस समय स्थिर है। सर्जरी पूरी तरह सफल रही है। आने वाले कुछ घंटों में उनकी रिकवरी के बारे में अधिक जानकारी साझा की जाएगी।
