नितिन कोहली का उद्देश्य युवाओं को खेलों से जोड़ना और पंजाब को हॉकी में आगे बढ़ाना है
जालंधर: हॉकी भारत द्वारा दिल्ली में आयोजित आठवें वार्षिक सम्मान समारोह 2025 में हॉकी पंजाब के अध्यक्ष एवं हॉकी भारत के उपाध्यक्ष नितिन कोहली की अगुवाई में हॉकी पंजाब ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए देश का सर्वश्रेष्ठ एसोसिएशन (संघ) का खिताब अपने नाम किया। इस खिताब के तहत हॉकी पंजाब को दो लाख पचास हजार रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई।
साथ ही, राष्ट्रीय प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन के लिए हॉकी पंजाब को दस लाख रुपये का विशेष पुरस्कार भी दिया गया, जो पंजाब की हॉकी के लिए गर्व की बात है। इस अवसर पर सर्वोत्तम हॉकी खिलाड़ियों को करोड़ों रुपये के पुरस्कार दिए गए और उनकी उपलब्धियों की सराहना की गई। इस समारोह में हॉकी पंजाब के महासचिव हरमीक सिंह और सह-अध्यक्ष बलविंदर शमी भी उपस्थित रहे।
नितिन कोहली ने कहा कि इस सम्मान समारोह में शामिल होना उनके लिए गर्व और प्रेरणा का क्षण था। उन्होंने कहा कि देश के उत्कृष्ट हॉकी खिलाड़ियों को सम्मानित होते देखकर बहुत खुशी हुई, क्योंकि यही खिलाड़ी अपनी मेहनत और लगन से भारत का नाम विश्व स्तर पर रोशन कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पंजाब की धरती हमेशा से ही हॉकी के माहिर खिलाड़ियों की जन्मभूमि रही है और हॉकी पंजाब इस विरासत को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि युवाओं को खेलों से जोड़ना और उनके लिए बेहतर अवसर बनाना हमारी मुख्य प्राथमिकता है।
हॉकी का उद्देश्य: नितिन कोहली का मकसद है कि खेलों के माध्यम से युवाओं को अनुशासन, सहयोग और नेतृत्व के गुण सिखाए जाएँ। वह चाहते हैं कि पंजाब की हॉकी मजबूत हो और युवा खेलों में रुचि लेकर राज्य को आगे बढ़ाएँ। नितिन कोहली ने आगे कहा कि यह सम्मान सभी खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और जिला इकाइयों की साझा मेहनत का परिणाम है और हॉकी पंजाब भविष्य में भी इसी तरह उत्कृष्ट प्रदर्शन करता रहेगा।
इस उपलब्धि से पंजाब की हॉकी को नया उत्साह और हौसला मिला है, जिससे आने वाले समय में और अधिक युवा खेलों की ओर आकर्षित होंगे। हॉकी पंजाब द्वारा खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने और आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, जिसका परिणाम इन बड़ी सफलताओं के रूप में सामने आ रहा है। उन्होंने सभी से अपील की कि हम मिलकर खेलों को बढ़ावा दें और अपने देश को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाएँ।
