जालंधर में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के क्षेत्रीय कार्यालय में इस समय बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला है। बड़ी संख्या में अधिकारियों के तबादलों ने न केवल दफ्तर की कार्यप्रणाली को प्रभावित किया है, बल्कि जांच की गति पर भी अस्थायी असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
आमतौर पर वार्षिक तबादलों के दौरान किसी एक स्टेशन से 2-3 अधिकारियों का ट्रांसफर होता है, लेकिन इस बार जालंधर कार्यालय से अलग-अलग रैंक के 13 अधिकारियों का एक साथ तबादला कर दिया गया। इनमें कुछ ऐसे अधिकारी भी शामिल हैं जिन्होंने अभी एक साल की सेवा भी पूरी नहीं की थी। अधिकारियों के अनुसार, इतने बड़े स्तर पर तबादले होना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा नहीं माना जाता।
एक साथ बड़ी संख्या में अधिकारियों के जाने और नए अधिकारियों के अभी कार्यभार संभालने में देरी के कारण फिलहाल जालंधर कार्यालय में स्टाफ की कमी की स्थिति बन गई है। हालांकि, लगभग उतने ही नए अधिकारियों की तैनाती की प्रक्रिया जारी है, जिससे आने वाले समय में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है।
इससे पहले जालंधर में ईडी के संयुक्त निदेशक रवि तिवारी का तबादला चेन्नई कर दिया गया था। उनके बाद दिनेश पुरुचुरी को जालंधर का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है, जो फिलहाल दिल्ली से ही कामकाज संभाल रहे हैं। इस बदलाव का असर नेतृत्व स्तर पर भी देखने को मिल रहा है।
तबादलों के इस क्रम में कई सहायक निदेशकों को बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई और जम्मू जैसे शहरों में भेजा गया है। वहीं, नए अधिकारियों को चंडीगढ़, जम्मू, हैदराबाद और बेंगलुरु से जालंधर में तैनात किया जा रहा है। इसके अलावा कम से कम 5 प्रवर्तन अधिकारियों का भी विभिन्न स्थानों पर स्थानांतरण हुआ है।
