
‘कुल्हड़ पिज्जा कपल’ एक बार फिर सुर्खियों में है। हालांकि, इस बार चर्चा का कारण कोई विवाद नहीं, बल्कि सहज अरोड़ा की वृंदावन यात्रा है। हाल ही में विदेश से भारत लौटे सहज अरोड़ा ने अपना जन्मदिन श्रीधाम वृंदावन स्थित ‘श्री हित राधा केलि कुंज’ में मनाया। वहां उन्होंने संत प्रेमानंद जी महाराज के दर्शन किए और उनसे आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान सहज अरोड़ा ने कुछ ऐसा कहा जिसने न केवल वहां मौजूद लोगों का, बल्कि खुद महाराज जी का भी ध्यान आकर्षित किया।
जब सहज अरोड़ा ने संत प्रेमानंद जी के सामने हाथ जोड़कर कहा, “महाराज जी, आज मेरा जन्मदिन है और मेरी जिंदगी का एक और साल कम हो गया है,” तो वहां एक अलग ही भाव दिखाई दिया। अमूमन लोग जन्मदिन को ‘एक साल बड़े होने’ की खुशी के रूप में मनाते हैं, लेकिन सहज का यह नजरिया बिल्कुल अलग और सत्य के करीब था। उनकी इस बात पर प्रेमानंद जी महाराज ने मुस्कुराते हुए कहा, “तुम पहले ऐसे व्यक्ति हो जो जन्मदिन पर ऐसी बात कह रहे हो, अन्यथा अधिकतर लोग तो केवल जश्न मनाने में व्यस्त रहते हैं।”
सहज अरोड़ा के इस दृष्टिकोण से प्रभावित होकर प्रेमानंद जी ने उन्हें और समाज को जन्मदिन मनाने का एक 3-सूत्रीय मार्ग दर्शन दिया। उन्होंने समझाया कि यदि आप चाहते हैं कि आपका जन्म सार्थक हो, तो अपने विशेष दिन पर ये तीन कार्य अवश्य करने चाहिए। पहला, कम से कम 5 घंटे तक प्रभु का नाम कीर्तन या गुरुवाणी का पाठ करना चाहिए। दूसरा, इस दिन संतों, भक्तों और जरूरतमंदों को भोजन कराना चाहिए। तीसरा, यह दृढ़ संकल्प लेना चाहिए कि बीते वर्ष में जो भी गलतियां या पाप हुए हैं, उन्हें दोबारा नहीं दोहराया जाएगा।
महाराज जी ने जोर देकर कहा कि जीवन का उद्देश्य केवल सांसारिक सुख नहीं, बल्कि नाम सिमरन और परमात्मा को आत्मसार करना है। उन्होंने संदेश दिया कि जन्मदिन ऐसा मनाना चाहिए जिससे न केवल यह लोक, बल्कि परलोक भी सुधर जाए। सहज और प्रेमानंद जी का यह संवाद सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और युवा पीढ़ी इस नई आध्यात्मिक राह की काफी सराहना कर रही है।

