
पंजाब में रोडवेज और पनबस कर्मचारियों की हड़ताल ने आम जनता की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। राज्य भर में अधिकतर बसों का संचालन पूरी तरह से ठप हो गया है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जो बसें फिलहाल दूसरे राज्यों के रूट पर हैं, उनके चालक और परिचालक अपना रूट पूरा करते ही इस हड़ताल में शामिल हो जाएंगे।
पंजाब रोडवेज पनबस पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष रेशमजीत सिंह गिल ने जानकारी दी कि सरकार द्वारा नए डीसी रेट और 15% वेतन वृद्धि को लागू न करने के विरोध में यह बड़ा कदम उठाया गया है। कर्मचारियों का स्पष्ट कहना है कि पिछले दो महीनों से उन्हें लेबर रेट से भी कम वेतन दिया जा रहा है, जो कि अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। यूनियन का दावा है कि यदि नया डीसी रेट लागू कर दिया जाता है, तो प्रत्येक कर्मचारी की मासिक सैलरी में लगभग 1,800 रुपये की बढ़ोतरी होगी।
कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि वे इस मांग को लेकर पहले भी प्रशासन को कई बार ज्ञापन सौंप चुके हैं, लेकिन सरकार की तरफ से उनकी जायज मांगों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इस अनदेखी से आहत होकर आज सुबह से ही राज्य के 18 डिपो पर तालाबंदी कर दी गई है। फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक काम बंद रखने का निर्णय लिया गया है।

