
जालंधर के गुरुनानक पुरा इलाके में प्रस्तावित रेलवे ओवरब्रिज (ROB) के विरोध में मंगलवार को दुकानदारों और स्थानीय निवासियों ने प्रदर्शन किया। विरोध के चलते पूरे बाजार को बंद रखा गया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ओवरब्रिज बनने से वर्षों पुराना कारोबार पूरी तरह प्रभावित हो जाएगा और सैकड़ों परिवारों की आजीविका पर संकट आ जाएगा।
प्रदर्शन कर रहे व्यापारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशभर के 75 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास के तहत हाल ही में करीब 125 करोड़ रुपये की लागत से जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन का उद्घाटन किया गया। उनका कहना है कि उद्घाटन से पहले रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने गढ़ा और गुरुनानक पुरा ओवरब्रिज परियोजनाओं का भी उद्घाटन किया था। उस समय भी स्थानीय लोगों ने ओवरब्रिज के स्थान पर अंडरब्रिज बनाने की मांग उठाई थी।
व्यापारियों का कहना है कि नंगलशामा रोड पर बने ओवरब्रिज के कारण पहले ही 300 से अधिक दुकानदारों का कारोबार प्रभावित हुआ है और कई घरों के आने-जाने के रास्ते भी बंद हो गए हैं। अब गुरुनानक पुरा फाटक पर नया ओवरब्रिज बनने से बाजार पूरी तरह प्रभावित होगा। उन्होंने कहा कि वर्षों से चल रहे कारोबार के बंद होने से करोड़ों रुपये का नुकसान होगा और सैकड़ों परिवारों की रोजी-रोटी पर सीधा असर पड़ेगा।
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि भाजपा नेता रविंद्र धीर ने भी रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर गुरुनानक पुरा में ओवरब्रिज की जगह अंडरब्रिज बनाने की मांग की है। स्थानीय निवासी अनिता अरोड़ा ने कहा कि अंडरब्रिज बनने से न केवल व्यापार सुरक्षित रहेगा बल्कि लोगों की आवाजाही भी आसान बनी रहेगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अक्सर ओवरब्रिज के नीचे असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लग जाता है, जिससे चोरी और स्नैचिंग जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने मांग की कि यदि सरकार ओवरब्रिज निर्माण पर ही अड़ी रहती है तो निर्माण अवधि के दौरान कम से कम तीन साल तक दुकानदारों और स्थानीय लोगों से प्रॉपर्टी टैक्स, पानी का बिल और अन्य स्थानीय कर नहीं लिए जाएं। उनका कहना है कि ओवरब्रिज बनने से बच्चों की स्कूल-कॉलेज आवाजाही भी प्रभावित होगी, जबकि इस स्थान पर अंडरब्रिज आसानी से बनाया जा सकता है।

