
NEET पेपर लीक मामले को लेकर पिछले 27 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने गुरुवार देर रात अपना अनशन समाप्त कर दिया। गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में नड्डा ने उन्हें जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। पिछले दो दिनों से सरकार और वांगचुक के बीच लगातार बातचीत चल रही थी, जिसके बाद सरकार की ओर से लिखित आश्वासन मिलने पर उन्होंने यह फैसला लिया।
शुक्रवार सुबह जारी अपने वीडियो संदेश में सोनम वांगचुक ने बताया कि सरकार ने उनकी तीन अहम मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाया है। सरकार ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कोई नया मामला दर्ज नहीं करने, पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही तय करने के मुद्दे पर संसद में चर्चा कराने तथा आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को उचित मुआवजा देने का आश्वासन दिया है।
हालांकि, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर सरकार की ओर से कोई सहमति नहीं बनी। वांगचुक ने कहा कि उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा छात्रों के खिलाफ कार्रवाई रुकवाना था और उसी दिशा में सरकार ने भरोसा दिया है।
इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार रात 12 बजे छात्रों के नाम वीडियो संदेश जारी कर पेपर लीक के खिलाफ सख्त कानून लाने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसा कानून बनाने जा रही है, जिसमें दोषियों के लिए कठोर सजा का प्रावधान होगा। इस कानून के मसौदे पर शुक्रवार को केंद्रीय कैबिनेट में चर्चा होगी। मंजूरी मिलने के बाद इसे अगले सप्ताह संसद में पेश किया जाएगा और जल्द से जल्द पारित कराने का प्रयास किया जाएगा।
करीब ढाई मिनट के अपने वीडियो संदेश में पीएम मोदी ने कहा कि पेपर लीक लाखों छात्रों और उनके परिवारों के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने बताया कि पिछले ढाई महीनों में सरकार ने कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है और 22 लाख छात्रों की परीक्षा दोबारा कराकर 19 जुलाई को परिणाम भी घोषित किया गया। सरकार केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगी। मामलों के त्वरित निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की व्यवस्था भी नए कानून का हिस्सा होगी।

