
NEET पेपर लीक विवाद और देशभर में छात्रों के उग्र प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना त्यागपत्र भेजते हुए कहा कि हालिया दिनों की घटनाओं ने उन्हें काफी आहत किया है। युवाओं के हितों और लोकतंत्र में जनता के अटूट विश्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उन्होंने पूरी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से हटने का यह बड़ा फैसला किया है।


अपने इस्तीफे के इस पत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने जोर देकर कहा कि देश की युवा शक्ति ही राष्ट्र की सबसे बड़ी असली ताकत है, और किसी भी छात्र का उज्ज्वल भविष्य किसी भी तरह के विवाद या कानूनी पेचीदगियों में नहीं फंसना चाहिए। उन्होंने उल्लेख किया कि दिल्ली के जंतर-मंतर सहित देश भर में पैदा हुए मौजूदा हालातों का कोई भी असामाजिक या राष्ट्र विरोधी ताकतें गलत फायदा न उठा सकें, इसलिए उन्होंने यह कदम उठाया है। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अपनी मंत्रिपरिषद और शिक्षा मंत्रालय के सभी अधिकारियों का उनके कार्यकाल के दौरान मिले पूर्ण सहयोग के लिए गहरा आभार व्यक्त किया।
उल्लेखनीय है कि NEET पेपर लीक के गंभीर मामले को लेकर पिछले कई दिनों से पूरे देश में छात्र सड़कों पर उतरकर लगातार जोरदार प्रदर्शन कर रहे थे। दिल्ली के जंतर-मंतर के साथ-साथ पंजाब, हरियाणा और अन्य तमाम राज्यों में छात्रों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर उग्र धरने दिए। प्रदर्शन कर रहे युवाओं और अभ्यर्थियों का कहना था कि पेपर लीक जैसी घटनाओं से लाखों युवाओं के भविष्य के साथ सीधा अन्याय हुआ है, इसलिए उच्च स्तर पर जवाबदेही तय होना बेहद जरूरी था।
अब केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस इस्तीफे के बाद शिक्षा मंत्रालय की अगली कमान किसे सौंपी जाएगी, इस पर पूरे देश की राजनीतिक गलियारों और शैक्षणिक जगत की पैनी नजरें टिकी हुई हैं। इसके साथ ही अब यह भी देखना बेहद महत्वपूर्ण होगा कि केंद्र सरकार आगामी समय में NEET परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाने और भविष्य में इस प्रकार की धांधलियों को रोकने के लिए क्या कड़े और ठोस कदम उठाती है।

