पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में गुरुवार को DA (महंगाई भत्ता) मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान अदालत ने रिपोर्ट दाखिल न करने और पहले जारी न्यायिक आदेश की पालना न करने को लेकर पंजाब सरकार को कड़ी फटकार लगाई। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि सरकार को किसी न्यायिक आदेश को चुनौती देने का पूरा अधिकार है, लेकिन अपील दायर करने के बावजूद पहले से जारी आदेश की पालना को रोका नहीं जा सकता।
सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि इस मामले में कुछ आवेदकों की उम्र 95 साल तक है। इस पर हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से कहा कि यदि वह 90 दिन की अपील अवधि का हवाला दे रही है, तो उसे यह भी स्पष्ट करना होगा कि इस अवधि के दौरान अदालत के पहले से जारी निर्देशों का क्या होगा।
अदालत ने साफ किया कि अपील का अधिकार अपनी जगह है, लेकिन इसका इस्तेमाल पहले से दिए गए न्यायिक आदेश की पालना रोकने के लिए नहीं किया जा सकता।
हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को कड़े शब्दों में कहा कि अपील दायर करने के नाम पर पहले से जारी आदेश की पालना नहीं रोकी जा सकती। अदालत ने सरकार को कानूनी प्रक्रिया का पालन करने और अदालत के आदेशों के साथ किसी तरह का खेल नहीं करने की हिदायत दी।
सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार की ओर से बताया गया कि मामले में अपील दायर की जा चुकी है और उसमें बताई गई खामियों को दूर करने की प्रक्रिया चल रही है। इस पर हाईकोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया कि अपील को आगे बढ़ाया जाए, सभी खामियां दूर की जाएं और मामले में जल्द सुनवाई सुनिश्चित की जाए।

