जालंधर के सतनाम नगर मार्केट में स्थित Kingdom Consultant के बाहर किसानों द्वारा जमकर हंगामा किया जा रहा है। इस दौरान भारी संख्या में किसान दफ्तर के बाहर धरना लगाकर बैठ गए। किसानों का कहना है कि अगर पीड़ितों के पैसे नहीं लौटाए गए तो वह सड़क को जाम कर देंगे।
वहीं पीड़ित जगमेल सिंह ने कहा कि 11 महीने पहले उसने बेटी का कनाडा का वीजा Kingdom Consultant के ऑफिस से लगवाया था। वह सोशल मीडिया पर विज्ञापन देखकर ट्रैवल एजेंट के ऑफिस में आए थे। जहां ऑफिस के स्टाफ ने 2 माह में वीजा आने का आश्वासन दिया था। कनाडा के वीजा अप्लाई करने के लिए 5.12 लाख रुपए दिए थे। लेकिन अब तक उन्हें वीजा नहीं दिया गया।
इस दौरान उनके द्वारा 4 लाख 22 हजार रुपए ऑनलाइन दिए थे, जिसके प्रूफ उनके पास है। हालांकि कैश दी गई पेमेंट की रसीद उनके पास नहीं है और स्टाफ ने उन्हें आश्वासन दिया था, जिसके कारण उन्होंने रसीद नहीं ली।
पीड़ित ने कहाकि 8वें महीने के बाद वह टालमटौल करना शुरू हो गए। वह पैसे के ब्याज भर रहा है और उनका सदस्य अस्पताल में भर्ती हो गया। आज वह अपने सारे पैसे लेने के लिए आए है और उन्होंने कहा कि वह पुलिस को शिकायत नहीं करेंगे। मामला इमिग्रेशन का है, ऐसे में BKU जत्थेबंदी की तरफ से कोई पुलिस को शिकायत नहीं की जाएगी।
वहीं विक्रम ने कहाकि उसने बच्चों का कनाडा का वीजा लगवाया था और वीजा रिफ्यूज होने को लेकर काफी समय हो गया। उसने 6 लाख रुपए वीजा के दिए थे। इस दौरान मैडम भावना, बबीता का जिक्र करते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर विज्ञापन देखकर ऑफिस आए थे। ऐसे में सितंबर को 4 लाख रुपए में समझौता हुआ और जब वह बैंक में पैसे लेने के लिए गया तो वहां पर चैक बाउंस हो गया। इस दौरान अब तक उन्हें पैसे नहीं दिए जा रहे। जिसके बाद आज वह ऑफिस में पहुंचे, लेकिन सुबह 9 बजे से दोपहर का समय हो गया, उन्हें पैसे नहीं दिए जा रहे।
इस मामले पर Kingdom Consultant के कर्मी करण ने बताया कि उनके पास कनाडा के वीजा के लिए परिवार आया था। लेकिन उनकी रिफ्यूजल आ गई थी। ऐसे में उनकी तरफ परिवार को 2.80 लाख में बात समझौते की बात हुई थी और उनके द्वारा चैक दिए गए, लेकिन अब परिवार 5 लाख रुपए लेने पर अड़ गया है। वहीं चैक बाउंस होने पर कहा कि वह फिर भी 2.80 लाख रुपए देने के लिए तैयार है। जिसके बाद विक्रम के केस को लेकर कहा कि वह उनके भी 4 लाख रुपए देने को तैयार है।
जबकि इस मामले पर किसानों का कहना है कि अगर उनके पैसे नहीं लौटाए गए तो वह सड़क भी जाम करेंगे। किसान नेता ने बताया कि इमिग्रेशन द्वारा लड़कियों के स्टाफ को ऑफिस से भेज दिया गया। उनका कहना है कि जब तक उन्हें इंसाफ नहीं मिलता, वह यहीं पर मोर्चा लगाकर बैठेंगे।

