छोटे और बड़े व्यापारियों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। वॉट्सएप बिज़नेस (WhatsApp Business) प्लेटफ़ॉर्म 1 अक्टूबर से अपनी फ्री मैसेजिंग सेवा को पूरी तरह से बंद करने जा रहा है। इस बड़े बदलाव के बाद अब उन मैसेज कैटेगरीज़ पर भी प्रति-मैसेज चार्ज लागू होगा, जो प्लेटफ़ॉर्म की शुरुआत के समय से ही बिज़नेस यूज़र्स के लिए मुफ़्त थीं। सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X पर इस बदलाव की चर्चा के बाद मेटा के अपडेटेड रेट कार्ड से इस फैसले की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है।
अब तक वॉट्सएप बिज़नेस API का इस्तेमाल करने वाले प्लेटफ़ॉर्म किसी ग्राहक का मैसेज आने के बाद 24 घंटे की ‘सर्विस विंडो’ के दौरान मुफ़्त में जवाब दे सकते थे। हालांकि, 1 अक्टूबर से भारत में ऐसे सर्विस मैसेज भेजने पर बिज़नेस को लगभग 0.115 रुपये (यानी करीब 11.5 पैसे) प्रति मैसेज का भुगतान करना होगा। यह दर मेटा द्वारा यूटिलिटी और ऑथेंटिकेशन मैसेज के लिए तय किए गए रेट्स के बराबर ही है। इसके अलावा, जुलाई 2025 से 24 घंटे की विंडो में भेजे जाने वाले मुफ़्त यूटिलिटी टेम्प्लेट मैसेज के लिए भी अब चार्ज लिया जाएगा।
नए चार्जिंग स्ट्रक्चर के लागू होने के बावजूद कंपनियों को राहत का एक छोटा दायरा दिया गया है। हर बिज़नेस फ़ोन नंबर को प्रत्येक कैलेंडर महीने में 1,000 मुफ़्त सर्विस मैसेज की छूट मिलती रहेगी। यह कोटा हर महीने अपने आप रीसेट हो जाएगा और बचा हुआ बैलेंस अगले महीने में ट्रांसफर नहीं होगा। इस तय लिमिट के खत्म होते ही हर अतिरिक्त मैसेज के लिए तय दरों के मुताबिक बिलिंग की जाएगी, जिस पर किसी भी प्रकार की वॉल्यूम छूट नहीं मिलेगी।
