अक्टूबर 2026 की शुरुआत के साथ ही आम लोगों के दैनिक बजट और वित्तीय लेन-देन से जुड़े कई महत्वपूर्ण बदलाव लागू हो गए हैं। इस महीने कॉमर्शियल गैस, इलेक्ट्रॉनिक्स सामान, डिजिटल भुगतान, गैस सब्सिडी और बैंकिंग सुविधाओं में बड़े फेरबदल देखने को मिल रहे हैं।
कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी
तेल कंपनियों ने कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में ₹70 तक का इजाफा कर दिया है। इस बढ़ोतरी से रेस्टोरेंट, होटल और कैटरिंग उद्योग की लागत बढ़ेगी, जिसका सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ सकता है। बाहर खाना, चाय-नाश्ता और शादियों के दौरान कैटरिंग सेवाएं अब पहले से थोड़ी महंगी हो सकती हैं।
LPG सब्सिडी के लिए बायोमेट्रिक e-KYC अनिवार्य
सरकार ने सब्सिडी वाले रेट पर घरेलू LPG सिलेंडर बुक करने के लिए बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन (e-KYC) पूरा करना mandatory कर दिया है। जिन ग्राहकों ने अभी तक अपनी बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी नहीं की है, वे सब्सिडी दर पर गैस बुक नहीं कर सकेंगे। हालांकि, इस व्यवस्था से गैस सिलेंडर की सामान्य बुकिंग या डिलीवरी में कोई रुकावट नहीं आएगी।
UPI पेमेंट पर मर्चेंट चार्ज के नए नियम
डिजिटल भुगतान को व्यवस्थित करने के लिए 15 अक्टूबर से ₹2,000 से अधिक के चुनिंदा मर्चेंट UPI लेन-देन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट लागू किया जा रहा है। छोटे दुकानदारों को राहत देते हुए यह व्यवस्था की गई है कि जिनकी मासिक UPI कमाई ₹1 लाख तक है, उनके लिए सभी ट्रांजैक्शन मुफ्त रहेंगे। हालांकि, यदि कोई छोटा व्यापारी लगातार तीन महीनों तक ₹1 लाख से अधिक की UPI प्राप्ति दर्ज करता है, तो उसे बड़े व्यापारियों की श्रेणी में शामिल कर दिया जाएगा और लागू शुल्क देने होंगे।
होम अप्लायंसेज की कीमतों में 8% तक का उछाल
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉपर, स्टील, एल्युमीनियम और क्रूड ऑयल जैसे कच्चे माल की कीमतों में तेजी के कारण इलेक्ट्रॉनिक कंपनियों ने दाम बढ़ा दिए हैं। AC, LED TV, वॉशिंग मशीन और रेफ्रिजरेटर जैसे अप्लायंसेज अब 3% से 8% तक महंगे हो गए हैं। चालू वर्ष 2026 में कंपनियों द्वारा कीमतों में की गई यह तीसरी बढ़ोतरी है।
SBI सैलरी अकाउंट के ATM इस्तेमाल नियमों में संशोधन
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के सैलरी अकाउंट धारकों के लिए दूसरे बैंकों के ATM या ADWM इस्तेमाल की मुफ्त सीमा घटा दी गई है। अब ग्राहक अन्य बैंकों के ATM से महीने में केवल 5 बार मुफ्त लेन-देन (पैसे निकालने व बैलेंस चेक करने सहित) कर सकेंगे, जो पहले 10 बार हुआ करता था। मुफ्त सीमा खत्म होने के बाद ग्राहकों को प्रति ट्रांजेक्शन ₹15 के साथ GST शुल्क देना होगा।