मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शुक्रवार को मुंबई और दिल्ली में प्रदर्शन हुए। मुंबई के शिवाजी पार्क में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने विरोध प्रदर्शन किया, जबकि दिल्ली के जंतर-मंतर पर आम आदमी पार्टी, लेफ्ट और विभिन्न छात्र संगठनों से जुड़े लोगों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर सवाल उठा रहे हैं और चुनाव आयोग से जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।
गांधी की तस्वीर वाली T-Shirt पहनकर पहुंचे प्रदर्शनकारी
मुंबई में CJP के प्रदर्शन के दौरान मंच पर मौजूद कई लोग महात्मा गांधी की तस्वीर वाली T-Shirt पहनकर पहुंचे। CJP ने पहले ही इस प्रदर्शन को लेकर लोगों से गांधी की तस्वीर वाली T-Shirt पहनकर आने की अपील की थी। प्रदर्शन में संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके और प्रवक्ता सौरव दास समेत अन्य समर्थक मौजूद रहे।
CJP की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही है। संगठन ने चुनाव आयोग के कामकाज में ज्यादा पारदर्शिता और जवाबदेही की भी मांग उठाई है। हालांकि, मुंबई पुलिस ने प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी थी और शिवाजी पार्क के आसपास सुरक्षा बढ़ाई गई थी।
अभिजीत दीपके बोले- गांधी देश की आत्मा हैं
प्रदर्शन के दौरान CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने महात्मा गांधी को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि जब भारत के प्रधानमंत्री अमेरिका जाते हैं तो भारत को गांधी के देश के रूप में भी जाना जाता है। दीपके ने कहा कि गांधी देश की आत्मा, डॉ. भीमराव अंबेडकर रीढ़ की हड्डी और जवाहरलाल नेहरू दिमाग हैं।
CJP प्रवक्ता सौरव दास ने भी प्रदर्शन को लेकर कहा कि युवाओं और नई पीढ़ी की भागीदारी इस आंदोलन में जारी रहेगी। संगठन की ओर से पहले भी विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किए जाने का दावा किया गया है।
दिल्ली में AAP, लेफ्ट और छात्र संगठनों का प्रदर्शन
उधर, दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन हुआ। इसमें आम आदमी पार्टी और लेफ्ट से जुड़े नेताओं के साथ AISA, SFI, NSUI समेत कई छात्र और युवा संगठनों के कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारी SIR और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज करा रहे थे।
प्रदर्शन के दौरान AAP नेताओं सौरभ भारद्वाज, आतिशी और संजय सिंह समेत कई प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया। पुलिस के मुताबिक, जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों से 700 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
SIR को लेकर चुनाव आयोग पर उठ रहे सवाल
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि SIR की प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित बदलाव को लेकर पारदर्शिता की जरूरत है। दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने मतदाता सूची में संशोधन की प्रक्रिया को डुप्लीकेट और अपात्र नामों को हटाने से जुड़ा बताया है। ऐसे में SIR को लेकर राजनीतिक दलों, संगठनों और चुनाव आयोग के बीच मतभेद सामने आ रहे हैं।
