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एशियन हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी से पहले महान ओलंपियन सुरजीत सिंह के बुत का उद्घाटन

ByAdmin

Oct 26, 2026

हॉकी पंजाब अध्यक्ष, डिप्टी कमिश्नर, पुलिस कमिश्नर व ओलंपियनों ने बुत को उभरते खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बताया

पंजाब सरकार ने अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार स्टेडियम तैयार करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए

जालंधर : भारतीय हॉकी के महान खिलाड़ी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सोमवार को ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में महान ओलंपियन सुरजीत सिंह के कांस्य बुत का उद्घाटन किया गया। बुत के उद्घाटन की रस्म पुरुष हॉकी एशियन चैंपियंस ट्रॉफी की पूर्व संध्या पर पंजाब हॉकी अध्यक्ष नितिन कोहली, डिप्टी कमिश्नर वरजीत वालिया, पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह, ओलंपियन हरप्रीत सिंह मंडेर व बलजीत सिंह ढिल्लों, अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी जगदीप सिंह गिल तथा फिजिकल कॉलेज, पटियाला की प्रिंसिपल डा. हरमनप्रीत कौर द्वारा संयुक्त रूप से की गई।

उन्होंने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि यह बुत युवा उभरते खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का सदाबहार स्रोत बनेगा। युवाओं को नशों से दूर रखने के लिए खेलों को एक प्रभावशाली ढाल बताते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की प्रदेश की प्राचीन खेल विरासत को फिर से जीवंत करने की दूरदर्शी सोच पर प्रकाश डाला। ‘ खेड़ा वतन पंजाब दीया’ जैसी पहल और अंतरराष्ट्रीय मैचों की मेजबानी राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब सरकार द्वारा पहले ही यह स्टेडियम महान ओलंपियन को समर्पित किया जा चुका है और अब राज्य सरकार द्वारा अंतरराष्ट्रीय मानकों का बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर स्टेडियम का नवीनीकरण किया गया है।

उल्लेखनीय है कि ओलंपियन सुरजीत सिंह रंधावा विश्व हॉकी के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक थे, जिन्हें उनके असाधारण रक्षात्मक कौशल के लिए जाना जाता है। भारतीय राष्ट्रीय हॉकी टीम के स्तंभ के रूप में उन्होंने 1976 में मॉन्ट्रियल ओलंपिक्स, दो विश्व कप तथा 1974 व 1978 की एशियाई खेलों में देश का प्रतिनिधित्व किया। उनकी लोकप्रियता 1975 में और बढ़ गई जब उन्होंने कुआलालंपुर में भारत को ऐतिहासिक विश्व कप जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रतिष्ठित अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित उनकी विरासत भारतीय हॉकी को हमेशा गढ़ती रहेगी।

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