जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए हुए नशे के केसों में फर्जी जमानत करने वाले 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए 7 आरोपियों में 5 जालंधर और 2 अमृतसर के है, जिनसे 15 तहसीलदारों के आई कार्ड , व अन्य चीजें बरामद की गई है। पुलिस आयुक्त स्वप्न शर्मा ने बताया कि कमिश्नरेट पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि राज्य में एक हाई प्रोफाइल गिरोह सक्रिय है जो ऐसे मामलों में आरोपियों को फायदा पहुंचाने के लिए आपराधिक मामलों में झूठी जमानत देता था। इसी तरह, उन्होंने कहा कि एफआईआर नंबर 01 दिनांक 05.01.2024 को आईपीसी की धारा 419, 420, 465, 467, 468, 47, 120 B के तहत पी.एस. भार्गो कैंप जालंधर में दर्ज किया गया था। स्वपन शर्मा ने कहा कि गिरोह अदालतों में झूठी जमानत के रूप में आईडी कार्ड, आधार कार्ड, स्टांप जैसे झूठे/मनगढ़ंत दस्तावेज देता था।
गहन जांच के बाद पुलिस ने जगजीत सिंह उर्फ जग्गी पुत्र तरलोक सिंह निवासी फत्तूढ़िगा जिला कपूरथला, रवि कुमार पुत्र अशोक कुमार निवासी गखला कॉलोनी जालंधर, पंकज राम उर्फ गंजू पुत्र को गिरफ्तार कर लिया है। गुरनाम दास निवासी चेराटा अमृतसर, गुरुमीत सिंह पुत्र इंदर सिंह निवासी चेराटा अमृतसर, सुखदेव कुमार पुत्र मोहन लाल शर्मा निवासी गाखला कॉलोनी जालंधर, राकेश कुमार पुत्र महिंदर राम निवासी गाखला जालंधर और जोधा जालंधर निवासी। उन्होंने कहा कि इन आरोपियों से 122 फर्जी आधार कार्ड, 41 फर्जी जिला कलेक्टर कार्ड/लंबरदारी कार्ड, 15 तहसीलदार और लंबरदार फर्जी मोहरें और 35 फर्द सहित कई झूठे/मनगढ़ंत दस्तावेज बरामद किए गए हैं। यहां तक कि एक कंप्यूटर, एक प्रिंटर और सात स्टाम्प पैड भी पकड़े है। स्वपन शर्मा ने कहा कि 2 आरोपियों सुखदेव कुमार और राकेश कुमार का आपराधिक रिकॉर्ड है क्योंकि उनके खिलाफ कई प्राथमिकी दर्ज हैं। पुलिस आयुक्त ने कहा कि सुखदेव कुमार के खिलाफ पहले 7 एफआईआर दर्ज की गई हैं, जबकि राकेश कुमार के खिलाफ पहले 2 एफआईआर दर्ज की गई थीं। वहीं मामले की आगे की जांच पहले से ही चल रही है और जल्द ही अधिक जानकारी सांझा की जाएगी।
