पेरिस ओलिंपिक में कांस्य पदक जीतकर भारतीय पुरुष हॉकी टीम रविवार अमृतसर पहुंची। जहां उनका अमृतसर एयरपोर्ट पर भारतीय खिलाड़ियों का ढोल के साथ भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान टीम का स्वागत करने के लिए मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल व हरभजन सिंह ईटीओ पहुंचे। भारतीय टीम के खिलाड़ी अमृतसर पहुंचने के बाद गोल्डन टेंपल में नतमस्तक हुए।
जिसके बाद खिलाड़ी अब जालंधर पहुंच गए है, जहां खिलाड़ियों द्वारा रोड शो किया जा रहा है। इस रोड शो के दौरान खिलाड़ियों को लोगों का भरपूर समर्थन मिल रहा है। वहीं मीडिया से बात करते हुए जालंधर के चारों खिलाड़ियों ने कहा बहुत खुशी वाली बात है कि वह तीसरे पायदान पर पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि टीम ने पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक में जीत हासिल की है जोकि भारतीय टीम और देश के लिए गर्व की बात है।
खिलाड़ियों ने कहा कि इसी तरह वह प्रत्येक टूर्नामेंट में हिस्सा लेकर देश का नाम रोशन करते रहेंगे। खिलाड़ियों ने बताया कि जिस तरह से इस टूर्नामेंट में खेल रहे थे उन्हें लगता था कि वह फाइनल मैच में पहुंचकर गोल्ड में जीत हासिल करेंगे। खिलाड़ियों का की सेमीफाइनल में जर्मन से उन्हें हर का सामना करना पड़ा जिसके कारण वह गोल्ड से चूक गए। खिलाड़ियों ने कहा कि सेमीफाइनल में भी टीम ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया था। खिलाड़ियों ने कहा कि इस टूर्नामेंट में जो भी कमियां हुई है वह उसे दूर करके अगले टूर्नामेंट में बढ़िया प्रदर्शन करके देश का मान बढ़ाएंगे। खिलाड़ियों ने कहा कि टीम को उम्मीद है कि वह आने वाले एल ए ओलंपिक में गोल्ड मेडल हासिल करेंगे।
खिलाड़ी ने बताया कि हॉकी टीम में सभी खिलाड़ियों का मिलकर प्रदर्शन करना जरूरी होता है। उन्होंने कहा कि इस खेल में स्ट्राइकर से लेकर गोलकीपर तक सभी खिलाड़ी अपना अहम रोल निभाते हैं। वही सुखजीत ने कहा कि उन्हें खुशी है कि टीम ओलंपिक में कांस्य पदक में जीत हासिल करके स्वदेश लौटी है। उन्होंने कहा कि उनके पिता का ड्रीम था कि वह ओलंपिक में खेले और भारत के लिए अच्छा प्रदर्शन करें। उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी है कि वह उसे ड्रीम को पूरा कर सकें। बता दें कि भारतीय हॉकी टीम में 10 पंजाब के खिलाड़ी हैं। जिनके पेरेंट्स भी उन्हें रिसीव करने एयरपोर्ट पर पहुंचे। ये पल भावुक करने वाला था।
