भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अमित तनेजा ने जालंधर कैंट से कांग्रेस विधायक सरदार प्रगट सिंह पर तीखा हमला बोला है। तनेजा ने प्रगट सिंह के हालिया बयानों को उनकी 15 साल की राजनीतिक विफलता को छुपाने की कोशिश करार दिया।
15 साल की विफलता पर घेरा
अमित तनेजा ने कहा कि जो विधायक पिछले 15 वर्षों में अपने हलके की जनता को बुनियादी सुविधाएं, रोजगार और बेहतर बुनियादी ढांचा नहीं दे सका, उसे दूसरों पर टिप्पणी करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने प्रगट सिंह की तुलना ‘शेखचिल्ली’ से करते हुए कहा कि उनकी बातें ज़मीनी हकीकत से कोसों दूर और हवा-हवाई हैं।
धमकी भरी भाषा पर पलटवार
विधायक द्वारा ‘खाकी निक्कर और भाजपा को गांव में घुसने नहीं देंगे’ जैसे बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए तनेजा ने कहा कि यह भाषा कांग्रेस के भीतर के डर और हताशा को दर्शाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा कार्यकर्ता ऐसी धमकियों से डरने वाले नहीं हैं और वे गांव-गांव जाकर केंद्र सरकार की जनहितैषी नीतियों का प्रचार करेंगे।
बजट और विकास पर स्थिति स्पष्ट
केंद्रीय बजट को ‘फेल’ बताने पर भाजपा नेता ने कहा कि जिस कांग्रेस ने दशकों तक पंजाब के साथ सौतेला व्यवहार किया, उसे विकास पर बोलने का हक नहीं है। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा बजट किसानों, युवाओं और व्यापारियों के हित में है, लेकिन सच्चाई स्वीकार करना कांग्रेस के स्वभाव में नहीं है।
सार्वजनिक बहस की खुली चुनौती
अमित तनेजा ने प्रगट सिंह को खुली चुनौती देते हुए कहा, “अगर विधायक में थोड़ी भी राजनीतिक ईमानदारी बची है, तो वे एक सार्वजनिक मंच पर आएं और अपनी 15 साल की उपलब्धियों पर बहस करें।” उन्होंने कहा कि जनता अब खोखले बयानों से नहीं, बल्कि काम के हिसाब से नेताओं का फैसला करेगी।
