पंजाब भर में वकीलों ने हड़ताल का ऐलान कर दिया है। दरअसल, कानून के नियम को लेकर वकीलों ने हड़ताल की है। वकीलों का कहना है कि राज्य भर में लूटपाट की घटनाओं का ग्राफ बढ़ रहा है। आज के समय में आम नागरिक को कोर्ट से जमानत लेना मुश्किल हो गया है, लेकिन लुटेरों और चोरों को आसानी से कोर्ट से जमानत मिल जाती है।
बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान ने कहा कि अगर पुलिस चोरों को काबू कर लेती है, तो सरकार की पॉलिसी में लुटेरों को उन्हें छुड़वाने के लिए सरकारी की ओर से ही वकील दे दिया जाता है। जिसमें फ्री लीगल एडवाइज मिलती है और फ्री में जमानत मिल जाती है। वकील ने कहा कि सरकार चोर और लुटेरों की जमानत के पैसों का इंतजाम भी करती है। जिसके कारण क्राइम की वारदातों का ग्राफ लगातार बढ़ जाता है और उन्हें पता है कि सरकार उन्हें कोर्ट से छुड़वा लेंगी। वहीं ग्राम पॉलिस को लेकर मुद्दा उठाया है, जिसमें गांवों में जाकर वकीलों को अदालत लगाने के निर्देश दिए गए।
वकीलों का कहना है कि अगर इसे शुरू करना है कि सुप्रीम कोर्ट से शुरू किया जाए। उन्होंने कहा कि केरल, तामिलनाडु या वेस्ट बंगाल से पेशी पर आता है। ऐसे में क्यों ना उनका एक बेंच उनके राज्य में बनाया जाए। इसी तरह हाईकोर्ट के लिए हमें चंड़ीगढ़ जाना पड़ता है। ऐसे में क्यों ना एक बैंच गुरदासपुर, पटियाला सहित अन्य राज्यों में बनाया जाए।
तीसरा फेक्टर एक्शन प्लान केस को लेकर मुद्दा उठाया है, जिसमें पहले केस को पुराना किया जाता है और उसके बाद उस केस का जल्द निपटारा करने के निर्देश दिए जाते है, जिसके कारण पीड़ितों को इंसाफ नहीं मिल पाता। इस कारण वकीलों पर अधिक दवाब बन रहा है। ऐसे में तीनों मुद्दों को लागू ना किए जाने को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा है। इस मुद्दों को लेकर पंजाब भर के प्रधानों द्वारा आज हड़ताल का ऐलान किया गया है, जिसके कारण आज कोर्ट के अंदर एक वकील नहीं गया है।
