लखनऊ में करियर के विवाद ने एक हंसते-खेलते परिवार को तबाह कर दिया। पैथोलॉजी लैब चलाने वाले पिता अपने बेटे को डॉक्टर बनाना चाहते थे, लेकिन बेटे को बिजनेस में दिलचस्पी थी। इसी जिद ने 21 साल के अक्षत को कातिल बना दिया। उसने अपने पिता की हत्या कर शव के टुकड़े किए और उन्हें ड्रम में भर दिया। पकड़े जाने के डर से उसने पिता का सिर कार में रखकर शहर से दूर फेंक दिया और सबूत मिटाने के लिए पूरी कार को साफ किया।
डीसीपी विक्रांत वीर के मुताबिक, आरोपी ने जुर्म कुबूल कर लिया है और उसकी निशानदेही पर शव के कुछ हिस्से बरामद कर लिए गए हैं। हालांकि, अभी भी शरीर के कई अंग और कटा हुआ सिर बरामद करना पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। आरोपी की बहन, जो इस पूरी घटना की चश्मदीद थी, भाई के डर से तीन दिनों तक खामोश रही। पुलिस अब इस मामले में फॉरेंसिक साक्ष्यों को जुटा रही है ताकि आरोपी को सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके।
