पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के आवारा कुत्तों को लेकर दिए गए बयान के खिलाफ दायर याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। याचिका में आरोप लगाया गया था कि मुख्यमंत्री ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को गलत तरीके से पेश किया और लोगों के बीच यह संदेश दिया कि कोर्ट ने कुत्तों को मारने की खुली छूट दे दी है।
मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि यदि कोई मुख्यमंत्री कोई बयान देता है तो क्या उसके आधार पर अदालत अपना आदेश बदल दे।सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को इस मामले में हाईकोर्ट जाने की सलाह दी और कहा कि आदेश का सख्ती से पालन करवाने की जिम्मेदारी पहले ही हाईकोर्ट को सौंपी जा चुकी है।
गौरतलब है कि छह दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों को लेकर दायर याचिका पर बड़ा फैसला सुनाया था। कोर्ट ने कहा था कि खतरनाक या रेबीज से संक्रमित आवारा कुत्तों को इंजेक्शन देकर मारा जा सकता है, क्योंकि लोगों की सुरक्षा सर्वोपरि है। कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा था कि गरिमा के साथ जीने के अधिकार में लोगों को कुत्तों के खतरे से मुक्त वातावरण मिलना भी शामिल है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा था कि उनकी सरकार कोर्ट के आदेशों का पालन करेगी और खतरनाक कुत्तों को हटाया जाएगा। इसी बयान को लेकर विवाद खड़ा हुआ और सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी।
