मध्य पूर्व में जारी संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है। ईरान के साथ जारी भीषण तनाव के बीच इजराइली डिफेंस फोर्सेस (IDF) अब लेबनान की सीमा लांघकर अंदर दाखिल हो गई हैं। इजराइल ने लेबनान के 59 इलाकों में तत्काल घर खाली करने का सैन्य आदेश जारी किया है, जिसके बाद वहां अफरा-तफरी का माहौल है।
संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी UNHCR के अनुसार, युद्ध के खौफ से अब तक 30 हजार से ज्यादा लोग पलायन कर चुके हैं। इजराइली वायुसेना ने लगातार दूसरे दिन हिजबुल्लाह के ठिकानों पर भारी बमबारी की है, जिसमें अब तक 50 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और 150 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हैं। यह हमला हिजबुल्लाह द्वारा इजराइल के हाईफा शहर पर किए गए ड्रोन हमलों के जवाब में देखा जा रहा है।
ईरान की ओर से छिड़े इस युद्ध की आग अब खाड़ी देशों तक पहुंच गई है। बहरीन सरकार ने आधिकारिक पुष्टि की है कि उनकी एयर डिफेंस फोर्सेस ने ईरान की ओर से दागे गए 73 मिसाइलों और 91 ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया है। वहीं, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने चौंकाने वाले आंकड़े जारी करते हुए बताया है कि ईरान अब तक उन पर 186 मिसाइल और 812 ड्रोन दाग चुका है।
UAE के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, उनके उन्नत डिफेंस सिस्टम ने 755 ड्रोनों और अधिकांश मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर एक बड़ी तबाही को टाल दिया है। ईरान के इस आक्रामक रुख ने पूरे अरब जगत में सुरक्षा को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
ईरान पर जारी इस युद्ध ने पाकिस्तान के माथे पर भी चिंता की लकीरें खींच दी हैं। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने सोशल मीडिया पर एक विवादित बयान देते हुए कहा है कि यह युद्ध पाकिस्तान की सुरक्षा के लिए सीधा खतरा है। उन्होंने जायनिस्ट विचारधारा को मानवता के लिए खतरा बताते हुए आरोप लगाया कि इजराइल का प्रभाव अब पाकिस्तान की सरहदों तक लाने की कोशिश की जा रही है।
आसिफ ने दावा किया कि अफगानिस्तान, ईरान और भारत को मिलाकर एक ‘पाकिस्तान विरोधी एजेंडा’ तैयार किया जा रहा है ताकि देश को हर तरफ से दुश्मनों से घेरकर कमजोर किया जा सके। उनके अनुसार, ईरान शांति चाहता था लेकिन उस पर यह युद्ध जानबूझकर थोपा गया है।
