जालंधर के मखदूमपुरा स्थित एक मंदिर की मर्यादा भंग करने का मामला अब पुलिस कमिश्नर तक पहुंच गया है। शिवसेना नेता बंटी पर एक महिला ने आरोप लगाया है कि उन्होंने जूते पहनकर मंदिर के भीतर प्रवेश किया, जिससे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। इसी मांग को लेकर जब महिला पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंची, तो वहां बंटी भी अपनी पत्नी के साथ पहुंच गए। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच जोरदार बहस शुरू हो गई और सीपी दफ्तर के बाहर ही भारी हंगामा खड़ा हो गया। स्थिति को बिगड़ता देख पुलिस बल को बीच-बचाव करना पड़ा।
इस विवाद के बीच शिवसेना नेता बंटी और उनकी पत्नी ने भी कड़ा रुख अपनाया है। बंटी की पत्नी ने महिला के आरोपों को नकारते हुए कहा कि मंदिर में केवल उनके पति ही नहीं बल्कि अन्य लोग भी जूते पहनकर आए थे। शिकायतकर्ता महिला खुद ठगी के मामलों में शामिल है और उसके खिलाफ उनके पास पुख्ता सबूत मौजूद हैं। वह जल्द ही ये तमाम सबूत पुलिस के सामने पेश करेंगे ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।
मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब नरेंद्र थापर इस विवाद में कूद पड़े। थापर ने स्पष्ट शब्दों में मांग की कि बंटी के खिलाफ बेअदबी की धाराओं के तहत पर्चा दर्ज किया जाना चाहिए। जिस तरह शिवसेना नेता अन्य मामलों में बेअदबी के पर्चे दर्ज करवाते रहे हैं, ठीक उसी तरह इस मामले में भी कानून को अपना काम करना चाहिए। अगर जल्द ही आरोपी नेता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं की गई, तो वह सीपी दफ्तर के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर देंगे।
