पंजाब में हाल ही में हुए बम धमाकों ने प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसी कड़ी में कांग्रेस नेता अश्वन भल्ला ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी निभाने के बजाय केवल बयानबाजी का सहारा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है, लेकिन सरकार समाधान खोजने के बजाय दोषारोपण की राजनीति में उलझी हुई है।
अश्वन भल्ला ने मुख्यमंत्री और पंजाब पुलिस के बीच तालमेल की कमी को उजागर करते हुए कहा कि एक तरफ मुख्यमंत्री मान इन घटनाओं के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं और इसे चुनाव से जोड़ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ पंजाब के डीजीपी इन धमाकों के पीछे सीधा हाथ आईएसआई (ISI) का बता रहे हैं। भल्ला के अनुसार, प्रशासन और सरकार के बयानों में यह विरोधाभास दर्शाता है कि प्रदेश में सुरक्षा तंत्र पूरी तरह से दिशाहीन हो चुका है और सरकार केवल समय काटने का काम कर रही है।
कांग्रेस नेता ने मुख्यमंत्री के हालिया जालंधर दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि मुख्यमंत्री जालंधर तक तो पहुंचे, लेकिन उन्होंने धमाके वाली जगह का दौरा करना उचित नहीं समझा। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री का यह व्यवहार प्रदेश की कानून व्यवस्था के प्रति उनकी गंभीरता की पोल खोलता है। भल्ला ने कड़े शब्दों में कहा कि जब राज्य के मुखिया ही पीड़ित स्थल पर जाने से कतराएंगे, तो आम जनता और पुलिस प्रशासन को क्या संदेश जाएगा।
पंजाब की वर्तमान स्थिति पर चिंता जताते हुए अश्वन भल्ला ने कहा कि राज्य में कानून का शासन खत्म हो चुका है। दिनदहाड़े हत्या, सरेआम गोलीबारी और लूटपाट की वारदातें अब आम हो गई हैं। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार कुंभकर्णी नींद सो रही है और उसे पंजाब के युवाओं और परिवारों की सुरक्षा की कोई परवाह नहीं है।
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान हनी जोशी, लक्की संधू, रविंदर लाडी, सौरव उप्पल, दविंदर बिलगा, हिम्मत संघा, सुरिंदरजीत भोगपुर, राघव जैन, हरमीत सिंह ब्लॉक प्रधान, शुभम चलाना, गुरसेवक सिंह, जनता बिलगा, मनजीत संघा, साजन, प्रभ, कुलजिंदर बिलगा, अमित नूरमहल, गोरा नूरमहल, पिंदा फतेहपुर, अनिल वालिया, हरजिंदर, गुरदीप, हर्ष और हरपाल सिंह संधू सहित कई प्रमुख कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
