
हॉर्मुज़ में बढ़ते तनाव और ईरान से जुड़े हालात के बीच केंद्र सरकार ने डीजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में डीजल की कोई कमी नहीं है, लेकिन बाजार में फैल रही आशंकाओं और जमाखोरी की कोशिशों को देखते हुए नए निर्देश जारी किए गए हैं।
पेट्रोलियम उत्पादों की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने और जमाखोरी पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार ने हाई स्पीड डीजल (HSD) की खुदरा बिक्री पर सीमा निर्धारित कर दी है। नए आदेश के अनुसार अब किसी भी ग्राहक को एक दिन में अधिकतम 200 लीटर डीजल ही बेचा जा सकेगा। सरकार की ओर से शुक्रवार को जारी आदेश में सभी खुदरा पेट्रोल पंपों को निर्देश दिए गए हैं कि निर्धारित सीमा से अधिक डीजल की बिक्री न की जाए। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।
सरकार का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को लेकर लोगों में अनावश्यक चिंता का माहौल बन रहा है, जिसका फायदा कुछ लोग बड़ी मात्रा में डीजल खरीदकर जमाखोरी के लिए उठा सकते हैं। ऐसे प्रयासों को रोकने और आम उपभोक्ताओं तक पर्याप्त ईंधन पहुंचाने के लिए यह कदम उठाया गया है।
केंद्र सरकार ने भरोसा दिलाया है कि देश में डीजल का पर्याप्त भंडार मौजूद है और आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत के अनुसार ही ईंधन खरीदें।

