
पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के भीतर बढ़ती राजनीतिक हलचल के बीच पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर से सांसद चरणजीत सिंह चन्नी की नाराजगी ने पार्टी नेतृत्व की चिंता बढ़ा दी है। सूत्रों के अनुसार, दिल्ली से कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने चन्नी से फोन पर संपर्क कर उन्हें फिलहाल कोई बड़ा कदम न उठाने की सलाह दी है।
चन्नी के करीबी सूत्रों का कहना है कि पार्टी नेतृत्व ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि राहुल गांधी 7 जुलाई को विदेश दौरे से लौटने के बाद उनसे मुलाकात करेंगे। इस बैठक में उनकी नाराजगी और पंजाब कांग्रेस से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। इसी बीच पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल भी सक्रिय हो गए हैं। बताया जा रहा है कि वह जल्द चंडीगढ़ पहुंचकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और चरणजीत सिंह चन्नी से अलग-अलग मुलाकात कर सकते हैं।
शुक्रवार को मोरिंडा स्थित अपने आवास पर चन्नी ने 50 से अधिक समर्थक नेताओं के साथ बैठक की। इस दौरान पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद पर अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को बनाए रखने के फैसले पर असहमति जताई गई। बैठक में मौजूद नेताओं ने पार्टी हाईकमान के निर्णय पर आपत्ति दर्ज कराते हुए इसे स्वीकार करने से इनकार किया।
चन्नी समर्थक नेताओं का कहना है कि अगले एक सप्ताह के भीतर पार्टी नेतृत्व से मुलाकात कर अपना पक्ष विस्तार से रखा जाएगा। राजनीतिक हलकों में इस घटनाक्रम को कांग्रेस के अंदर बढ़ते शक्ति संतुलन की लड़ाई के रूप में देखा जा रहा है। जानकारों का मानना है कि चन्नी अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करने के लिए संगठन पर दबाव बनाने की रणनीति अपना रहे हैं। इससे पहले वर्ष 2021 में भी कांग्रेस के भीतर नेतृत्व परिवर्तन के दौरान इसी तरह की राजनीतिक परिस्थितियां देखने को मिली थीं।

